{"_id":"6963dce67a245d617f0d3d44","slug":"cough-syrup-bail-pleas-of-two-including-gang-leader-shubhams-father-bhola-rejected-sonbhadra-news-c-194-1-son1018-140278-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"कफ सिरप : सरगना शुभम के पिता भोला सहित दो की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कफ सिरप : सरगना शुभम के पिता भोला सहित दो की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
विज्ञापन
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश आबिद शमीम की अदालत ने कफ सिरप तस्करी में सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल सहित दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
न्यायालय ने पाया कि आरोपियों की भूमिका इस अवैध कारोबार में वित्तपोषक की है। इसलिए इनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जहां इसी सप्ताह सुनवाई के लिए तिथि नियत की गई है।
पुलिस ने इनके खिलाफ चार जिलों में गंभीर प्रकृ़ति के अपराध दर्ज होने और सुनियोजित षडयंत्र के जरिये सिरप को नशे के रूप में काले बाजार में खपाने की रिपोर्ट दी थी। भोला प्रसाद जायसवाल की तरफ से जिला न्यायालय में दाखिल अर्जी में दलील दी गई थी कि उसके फर्म को झारखंड में अक्तूबर 2028 तक के लिए लाइसेंस प्राप्त है। अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच की सभी ऑडिट रिपोर्ट, पक्का बिल होने का भी दावा किया गया था।
खुद को बीमार होने की भी दलील दी गई थी। वहीं अभियोजन ने थाने की आख्या का हवाला देते हुए कहा कि शैली ट्रेडर्स ने अवैध तरीके से पूरे भारत में सिरप का क्रय- विक्रय किया। फर्जी फर्मों को आपूर्ति दिखाकर सिरप काले बाजार में खपाया गया।
यदि पुलिस गिरफ्तार नहीं करती तो वह देश छोड़कर भाग गया होता। सोनभद्र के अलावा वाराणसी, जौनपुर और चंदौली में भोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की भी जानकारी दी गई। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर भोला को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने 18 अक्तूबर 2025 को कफ सिरप बरामदगी के समय पकड़े गए रामगोपाल धाकड़ की भी अर्जी अस्वीकार कर दी।
आरोपी की तरफ से दलील दी गई थी कि ट्रांसपोर्टर ने दलाल के माध्यम से गाजियाबाद से चिप्स व नमकीन का पैकेट लोडकर झारखंड के लिए भेजा था। उसे इसकी जानकारी नहीं थी।
न्यायालय ने पाया कि कंटेनर से पकड़ा गया कफ सिरप जिसे नशे के रूप में प्रयोग के लिए ले जाया जा रहा था। मानव जीवन के लिए हानिकारक है।
Trending Videos
न्यायालय ने पाया कि आरोपियों की भूमिका इस अवैध कारोबार में वित्तपोषक की है। इसलिए इनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जहां इसी सप्ताह सुनवाई के लिए तिथि नियत की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने इनके खिलाफ चार जिलों में गंभीर प्रकृ़ति के अपराध दर्ज होने और सुनियोजित षडयंत्र के जरिये सिरप को नशे के रूप में काले बाजार में खपाने की रिपोर्ट दी थी। भोला प्रसाद जायसवाल की तरफ से जिला न्यायालय में दाखिल अर्जी में दलील दी गई थी कि उसके फर्म को झारखंड में अक्तूबर 2028 तक के लिए लाइसेंस प्राप्त है। अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच की सभी ऑडिट रिपोर्ट, पक्का बिल होने का भी दावा किया गया था।
खुद को बीमार होने की भी दलील दी गई थी। वहीं अभियोजन ने थाने की आख्या का हवाला देते हुए कहा कि शैली ट्रेडर्स ने अवैध तरीके से पूरे भारत में सिरप का क्रय- विक्रय किया। फर्जी फर्मों को आपूर्ति दिखाकर सिरप काले बाजार में खपाया गया।
यदि पुलिस गिरफ्तार नहीं करती तो वह देश छोड़कर भाग गया होता। सोनभद्र के अलावा वाराणसी, जौनपुर और चंदौली में भोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की भी जानकारी दी गई। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर भोला को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने 18 अक्तूबर 2025 को कफ सिरप बरामदगी के समय पकड़े गए रामगोपाल धाकड़ की भी अर्जी अस्वीकार कर दी।
आरोपी की तरफ से दलील दी गई थी कि ट्रांसपोर्टर ने दलाल के माध्यम से गाजियाबाद से चिप्स व नमकीन का पैकेट लोडकर झारखंड के लिए भेजा था। उसे इसकी जानकारी नहीं थी।
न्यायालय ने पाया कि कंटेनर से पकड़ा गया कफ सिरप जिसे नशे के रूप में प्रयोग के लिए ले जाया जा रहा था। मानव जीवन के लिए हानिकारक है।