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Sonebhadra News: बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल में प्रसव, बच्चे की मौत के बाद स्टाफ भाग गया, अस्पताल सील
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चोपन में सिंदुरिया रोड पर संचालित न्यू जन सहायता हॉस्पिटल को सील करने पहुंची स्वास्थ्य महकमे की
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चोपन थाना क्षेत्र के सिंदुरिया रोड पर सीएचसी से महज 500 मीटर की दूरी पर संचालित न्यू जन सहायता हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई।
इससे खफा परिवारीजनों ने जहां प्रसव में लापरवाही के चलते मौत का आरोप लगाया। घटना के बाद डॉक्टर-स्टाफ फरार हो गए। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो बगैर पंजीयन के अस्पताल संचालन की पुष्टि हुई। उसे सील करते हुए संचालक को नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। वहीं आशा कार्यकर्ता को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के रजखड़ गांव निवासी राकेश की पत्नी अनीता (24) चोपन गांव स्थित मायके में थी। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार की भोर में तीन बजे के करीब उसे सीएचसी ले जाया गया। वहां चेकअप करने के बाद स्टाफ नर्स ने सिजेरियन ऑपरेशन की बात कहते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
आरोप है कि जैसे ही वे लोग सीएचसी से बाहर निकले, वहां उन्हीं के गांव की आशा पहुंच गई। सामान्य प्रसव का भरोसा देते हुए उन्हें पास स्थित न्यू जन सेवा हॉस्पिटल ले गई। मृतका की मां, पति और बहन मीना देवी का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद भी सामान्य प्रसव का भरोसा दिया जाता रहा। सब कुछ नियंत्रण में होने की बात कहते हुए सुबह 10 बजे अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। इसकी रिपोर्ट देखकर कहा गया कि बच्चे को कोई दिक्कत नहीं है। दोपहर 12 बजे के करीब प्रसव कराया गया और यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया गया कि बच्चा पहले ही मर गया था।
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इससे खफा परिवारीजनों ने जहां प्रसव में लापरवाही के चलते मौत का आरोप लगाया। घटना के बाद डॉक्टर-स्टाफ फरार हो गए। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो बगैर पंजीयन के अस्पताल संचालन की पुष्टि हुई। उसे सील करते हुए संचालक को नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। वहीं आशा कार्यकर्ता को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के रजखड़ गांव निवासी राकेश की पत्नी अनीता (24) चोपन गांव स्थित मायके में थी। प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार की भोर में तीन बजे के करीब उसे सीएचसी ले जाया गया। वहां चेकअप करने के बाद स्टाफ नर्स ने सिजेरियन ऑपरेशन की बात कहते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
आरोप है कि जैसे ही वे लोग सीएचसी से बाहर निकले, वहां उन्हीं के गांव की आशा पहुंच गई। सामान्य प्रसव का भरोसा देते हुए उन्हें पास स्थित न्यू जन सेवा हॉस्पिटल ले गई। मृतका की मां, पति और बहन मीना देवी का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद भी सामान्य प्रसव का भरोसा दिया जाता रहा। सब कुछ नियंत्रण में होने की बात कहते हुए सुबह 10 बजे अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया। इसकी रिपोर्ट देखकर कहा गया कि बच्चे को कोई दिक्कत नहीं है। दोपहर 12 बजे के करीब प्रसव कराया गया और यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया गया कि बच्चा पहले ही मर गया था।
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