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Sonebhadra News: एंटी वेनम के रहते झाड़फूंक डस रहा जिंदगी

Fri, 03 Jul 2026 01:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:54 AM IST
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Despite the availability of antivenom, faith healing is claiming lives.
जिले में सर्पदंश के बाद झाड़फूंक कराने की लोगों की प्रवृत्ति बदल नहीं रही है। बीते एक सप्ताह में झाड़फूंक के चक्कर में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिले में झाड़-फूंक के नाम पर इलाज करने वालों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए गठित टीम को झाड़फूंक करने वालों पर भी कार्रवाई करनी है लेकिन टीम ने अभी तक एक भी तांत्रिक पर कार्रवाई नहीं की है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश शुरू होने पर मड़िहान, राजगढ़, संतनगर, लालगंज, हलिया, देहात कोतवाली व जिगना थाना क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती हैं। ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह बारिश का पानी भरने से मेढ़क व अन्य जीव जंतुओं के शिकार के लिए सांप भी बाहर आ जाते है। हर वर्ष बरसात के समय सर्प दंश से 35 लोगाें की मौत होती है। इसमें आधे से अधिक लोगों की जान झाडूफूंक के चक्कर में चली जाती है। सांप के डसने के बाद लोग अस्पताल के बजाय तांत्रिक के पास झाड़फूंक कराने चले जाते हैं। इन पर कार्रवाई करने के लिए गठित टीम झाड़फूंक करने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। कछवांं, चुनार व करनपुर क्षेत्र में झाड़फूंक वाले ज्यादा है। एएसीएमओ डाॅ. मुकेश प्रसाद ने बताया कि जिले के आठ सीएचसी व 16 पीएचसी पर एंटी वेनम उपलब्ध है। संर्प दंश होने पर वहां पर जाकर एंटीवेनम लगवाना चाहिए। झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। अहरौरा नगर पालिका क्षेत्र के घमहापुरपुर वार्ड की सोनकर बस्ती में एक जुलाई की रात 11 बजे दरवाजे पर चटाई बिछाकर सो रही हीरामनी देवी (28) को सर्प ने डस लिया। परिजन रात में अस्पताल के बजाय झाड़फूंक कराने फरहदा गांव ले गए। वहां झाड़फूंक कराने के बाद फिर घर आए। इसके बाद रैपुरिया चुनार लेकर गए। झाड़फूंक के चक्कर में उसकी मौत हो गई। संतनगर थाना क्षेत्र के तुलसीपुर गांव में 25 जून की रात अंतिमा (3) को सांप ने डस लिया। परिजन झाड़फूंक के लिए भटकते रहे। चार घंटे बाद अंतिमा की मौत होने पर उसे पीएचसी लेकर पहुंचे थे। लालगंज थाना क्षेत्र के नदगहना गांव निवासी अजीत कुमार (22) का विवाह 19 जून को हुआ था। 30 जून को उसे लालगंज के मथुरापुर गांव पत्नी की विदाई कराने जाना था। 29 जून की रात गर्मी अधिक होने से अजीत चारपाई से उतरकर जमीन पर सो गया। इस दौरान उसे सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल के बजाय उसे झाड़फूंक के लिए बरकछा में एक तांत्रिक के पास ले गए। वहां हालत बिगड़ने अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में उसकी मौत हो गई। संतनगर थाना क्षेत्र के पटेहरा कला की फारम बस्ती में तीन घर में पूरा परिवार झाड़फूंक व जड़ी बूटी पिलाकर लोगों को गुमराह करता है। बिना जहर वाले सांप काटने पर ठीक कर 500 रुपये वसूलते हैं। गांव के अवधेश गुप्ता ने बताया की पीएचसी पर जाने के बाद डॉक्टर मरीज की प्रतिक्रिया देखते हैं। उसके बाद ही एंटी वेनम लगवाते हैं। झाड़-फूंक वाले तत्काल जड़ी बूटी पिलाने लगते हैं, इसलिए लोगों को भ्रम है कि उनके यहां तत्काल इलाज होता है।
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डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा, सीएमओ ने कहा कि सर्पदंश होने या किसी जहरीले जंतू के काटने पर बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटीवेनम लगवाना चाहिए। झाड़फूंंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। झाड़फूंक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर इनके बारे में जानकारी मिलती है या शिकायत मिलती है तो टीम कार्रवाई करेगी। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी वेनम उपलब्ध है।
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