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Sonebhadra News: बिहार सीमा के जिलों ने शराब बिक्री में लक्ष्य से ज्यादा पाया राजस्व, बलिया प्रथम, सोनभद्र दूसरे स्थान पर
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सोनभद्र। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग ने सरकार को लक्ष्य से ज्यादा राजस्व दिया है। लक्ष्य पूर्ति के मामले में सोनभद्र 105 प्रतिशत के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। इससे आगे 110 प्रतिशत के साथ बलिया शीर्ष पर है। खास बात कि यह दोनों जिले बिहार सीमा से सटे हुए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी लक्ष्य से ज्यादा राजस्व प्राप्ति के लिए कच्ची शराब के धंधे पर प्रभावी चोट को कारण बता रहे हैं।
सोनभद्र को आबकारी महकमे के जरिये वर्ष 2024-25 में 325 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ था। इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी अंग्रेजी शराब की बिक्री से मिले आय की थी। वर्ष 2025-26 में इस लक्ष्य को बढ़ाते हुए पहाड़ी अंचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब के निर्माण पर प्रभावी रोक के निर्देश दिए गए। ब्लॉकवार टीमें गठित कर 7158 बार छापा मारा गया। 18095 लीटर कच्ची शराब बरामद भी हुई। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर इसका खासा अच्छा परिणाम देखने को मिला और वर्ष 2024-25 के मुकाबले वर्ष 2025-26 में राजस्व 81 करोड़ बढ़कर 406 करोड़ पहुंच गया। लक्ष्य पूर्ति में भी पांच फीसदी अधिक सफलता हासिल की गई।
टॉप फाइव में सात जिले, तीन वाराणसी क्षेत्र के :
लक्ष्य पूर्ति के मामले में टॉप फाइव की सूची में जिन सात जिलों को जगह मिली है। उसमें तीन वाराणसी क्षेत्र के हैं। बलिया ने 110 फीसद, सोनभद्र ने 105 प्रतिशत, चित्रकूट ने 102 फीसद, कौशांबी ने 101 प्रतिशत, नोएडा, मिर्जापुर और अमेठी ने 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वर्ष 2024-25 में यूपी के महज तीन जनपद (सोनभद्र, चित्रकूट, कौशांबी लक्ष्य का 91 प्रतिशत) ही ऐसे थे जिन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया था।
वाराणसी सहित 10 जिलों ने सरकारी खजाने को दिए 5919 करोड़
आबकारी महकमे के जरिये वाराणसी क्षेत्र के 10 जिलों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने को 5919 करोड़ रुपये मिले हैं। सोनभद्र से 406, चंदौली से 663, भदोही से 255, आजमगढ़ से 910, मऊ से 475, जौनपुर से 818, गाजीपुर से 896, वाराणसी से 1496 करोड़ रुपये राजकोष में जमा किए गए हैं।
डीएम -एसपी के निर्देशन में टीम बनाकर प्रति सप्ताह चलाए गए छापेमारी के विशेष अभियान से जहां अवैध कच्ची शराब के निर्माण पर अंकुश लगा, वहीं देसी शराब की बिक्री तेजी से बढ़ी। इसके चलते पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 81 करोड़ अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। कुल राजस्व में 60 फीसद हिस्सेदारी देसी शराब की रही। उत्साहजनक परिणाम को देखते हुए कच्ची शराब के अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी छापेमारी अभियान के निर्देश दिए गए हैं। -प्रवीण पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी, सोनभद्र।
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सोनभद्र को आबकारी महकमे के जरिये वर्ष 2024-25 में 325 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ था। इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी अंग्रेजी शराब की बिक्री से मिले आय की थी। वर्ष 2025-26 में इस लक्ष्य को बढ़ाते हुए पहाड़ी अंचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब के निर्माण पर प्रभावी रोक के निर्देश दिए गए। ब्लॉकवार टीमें गठित कर 7158 बार छापा मारा गया। 18095 लीटर कच्ची शराब बरामद भी हुई। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर इसका खासा अच्छा परिणाम देखने को मिला और वर्ष 2024-25 के मुकाबले वर्ष 2025-26 में राजस्व 81 करोड़ बढ़कर 406 करोड़ पहुंच गया। लक्ष्य पूर्ति में भी पांच फीसदी अधिक सफलता हासिल की गई।
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टॉप फाइव में सात जिले, तीन वाराणसी क्षेत्र के :
लक्ष्य पूर्ति के मामले में टॉप फाइव की सूची में जिन सात जिलों को जगह मिली है। उसमें तीन वाराणसी क्षेत्र के हैं। बलिया ने 110 फीसद, सोनभद्र ने 105 प्रतिशत, चित्रकूट ने 102 फीसद, कौशांबी ने 101 प्रतिशत, नोएडा, मिर्जापुर और अमेठी ने 96 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वर्ष 2024-25 में यूपी के महज तीन जनपद (सोनभद्र, चित्रकूट, कौशांबी लक्ष्य का 91 प्रतिशत) ही ऐसे थे जिन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया था।
वाराणसी सहित 10 जिलों ने सरकारी खजाने को दिए 5919 करोड़
आबकारी महकमे के जरिये वाराणसी क्षेत्र के 10 जिलों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने को 5919 करोड़ रुपये मिले हैं। सोनभद्र से 406, चंदौली से 663, भदोही से 255, आजमगढ़ से 910, मऊ से 475, जौनपुर से 818, गाजीपुर से 896, वाराणसी से 1496 करोड़ रुपये राजकोष में जमा किए गए हैं।
डीएम -एसपी के निर्देशन में टीम बनाकर प्रति सप्ताह चलाए गए छापेमारी के विशेष अभियान से जहां अवैध कच्ची शराब के निर्माण पर अंकुश लगा, वहीं देसी शराब की बिक्री तेजी से बढ़ी। इसके चलते पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 81 करोड़ अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। कुल राजस्व में 60 फीसद हिस्सेदारी देसी शराब की रही। उत्साहजनक परिणाम को देखते हुए कच्ची शराब के अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी छापेमारी अभियान के निर्देश दिए गए हैं। -प्रवीण पांडेय, जिला आबकारी अधिकारी, सोनभद्र।