सोनभद्र। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद विद्यालय खुलने की तैयारी है। बसों में आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन गंभीर नहीं हैं। हाल यह है कि जिले में 23 स्कूली वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि 41 स्कूल बसों के परमिट की वैधता खत्म हो गई है। इसके अलावा 49 बसें बिना वैध परमिट के ही संचालित हो रही हैं। बार-बार हिदायत और नोटिस के बाद भी उन पर कोई फर्क नहीं है। जिले में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 427 वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा बहुत से वाहन स्कूल से संबद्ध कर चल रहे हैं। पंजीकृत वाहनों पर गौर करें तो मानकों की अनदेखी की जा रही है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कौशल कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित विद्यालय प्रबंधन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय संचालक अपने वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की वैधता सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एआरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना फिटनेस, परमिट, बीमा अथवा अन्य अनिवार्य दस्तावेजों के सड़क पर संचालित मिलने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों को सीज भी किया जा सकता है। परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधकों से नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले सभी दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने और वाहनों की तकनीकी स्थिति की जांच कराने की अपील की है, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित हो सके।