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Sonebhadra News: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने और इन्कार पर धमकी देने का आरोप
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सोनभद्र। जुगैल थाना क्षेत्र की बालू साइट पर वीडियो बनाने के चलते पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव और बालू साइट पर काम करने वालों के बीच हुए विवाद का मसला अभी भी गरमाया हुआ है।
विवाद के समय ही पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल यादव, उनके मौसेरे भाई राजेंद्र यादव, आकाश यादव तथा 12 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बालू साइट के ही एक कर्मी हीरापुर-जमुआ बाजार के रहने वाले हर्षित मिश्रा ने चौरा में सब्जी खरीदने के समय मुकदमा वापसी के लिए दबाव देने, इन्कार पर जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
इस बार जिपं अध्यक्ष अनिल के साथ उनके सगे बड़े भाई बच्चा यादव को आरोपी बनाया गया। दो-तीन अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
बताते चलें कि 12 अप्रैल की शाम अनिल कुछ लोगों के साथ मीतापुर गए हुए थे। वहां उन्होंने एक बालू साइट का वीडियो लाइव करते हुए नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनका दावा था कि नदी की दूसरी तरफ मौजूद लोग नाव से उनकी तरफ आए और उनके वाहन के टायर की हवा निकालने के साथ ही उनके भाई राजेंद्र को अगवा करने के अंदाज में उठा ले गए और उनके साथ मारपीट की।
वहीं बालू साइट की तरफ से मिर्जापुर के हर्षित गुप्ता और ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया निवासी राहुल ने पुलिस को तहरीर देकर अनिल और उनके साथ के लोगों पर मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी देने का आरोप लगाया गया। इस मामले में पुलिस ने अनिल सहित तीन के खिलाफ नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
मिर्जापुर के हीरापुर-जमुआ बाजार के रहने वाले हर्षित मिश्रा ने एक और तहरीर जुगैल पुलिस को सौंपी है। कहा है कि वह साइट पर बालू लोडिंग का काम करता है। 14 अप्रैल को वह और उसका एक साथी सब्जी लेने के लिए पास के चौरा गांव गए हुए थे। आरोप लगाया है कि उसी समय वहां अनिल यादव, बच्चा यादव, दो-तीन साथियों के साथ पहुंच गए।
उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मुकदमा वापस करने के लिए दबाव बनाया। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्रकरण की जांच एसआई विपिन बिहारी को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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विवाद के समय ही पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल यादव, उनके मौसेरे भाई राजेंद्र यादव, आकाश यादव तथा 12 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बालू साइट के ही एक कर्मी हीरापुर-जमुआ बाजार के रहने वाले हर्षित मिश्रा ने चौरा में सब्जी खरीदने के समय मुकदमा वापसी के लिए दबाव देने, इन्कार पर जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
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इस बार जिपं अध्यक्ष अनिल के साथ उनके सगे बड़े भाई बच्चा यादव को आरोपी बनाया गया। दो-तीन अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
बताते चलें कि 12 अप्रैल की शाम अनिल कुछ लोगों के साथ मीतापुर गए हुए थे। वहां उन्होंने एक बालू साइट का वीडियो लाइव करते हुए नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनका दावा था कि नदी की दूसरी तरफ मौजूद लोग नाव से उनकी तरफ आए और उनके वाहन के टायर की हवा निकालने के साथ ही उनके भाई राजेंद्र को अगवा करने के अंदाज में उठा ले गए और उनके साथ मारपीट की।
वहीं बालू साइट की तरफ से मिर्जापुर के हर्षित गुप्ता और ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया निवासी राहुल ने पुलिस को तहरीर देकर अनिल और उनके साथ के लोगों पर मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी देने का आरोप लगाया गया। इस मामले में पुलिस ने अनिल सहित तीन के खिलाफ नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट व बीएनएस की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
मिर्जापुर के हीरापुर-जमुआ बाजार के रहने वाले हर्षित मिश्रा ने एक और तहरीर जुगैल पुलिस को सौंपी है। कहा है कि वह साइट पर बालू लोडिंग का काम करता है। 14 अप्रैल को वह और उसका एक साथी सब्जी लेने के लिए पास के चौरा गांव गए हुए थे। आरोप लगाया है कि उसी समय वहां अनिल यादव, बच्चा यादव, दो-तीन साथियों के साथ पहुंच गए।
उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मुकदमा वापस करने के लिए दबाव बनाया। इन्कार पर जान से मारने की धमकी दी गई। प्रकरण की जांच एसआई विपिन बिहारी को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

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