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Sonebhadra News: बालिका वधू बनने से बचीं दो और किशोरियां, तीन दिन में सात नाबालिगों की रुकवाई शादी

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:04 PM IST
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Two More Teenagers Saved from Becoming Child Brides; Seven Minors' Marriages Stopped in Three Days
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सोनभद्र। अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के चलाए गए विशेष अभियान में छह किशोरियों को बालिका वधू बनने से बचाने में कामयाबी मिली है। इसमें दो शादियां सोमवार को रुकवाई गईं। राबर्टगंज, रायपुर और जुगैल क्षेत्र में बाल विवाह की शिकायत पर टीमें पहुंची तो कहीं शादी की तैयारी चल रही थी तो कहीं मंडप सजाया जा रहा था। सभी पीड़ितों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया जहां से बाल गृह बालिका में आवासित कराया गया। इस दौरान एक ऐसी भी नाबालिग मिली जिसकी छह महीने पहले ही शादी कराई जा चुकी थी लेकिन वह ससुराल नहीं गई थी। टीम पहुंची तो उसके गौने (ससुराल जाने) की तैयारी चल रही थी जिसे रुकवा दिया गया। माता-पिता को उसे बालिग होने के बाद भी ससुराल भेजने की नसीहत दी गई।
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चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक मुकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम रायपुर थाना क्षेत्र के सरईगाढ़ पहुंची। यहां पता चला कि शादी 24 अप्रैल को होनी है। इसकी तैयारियां की जा रही थी। माता-पिता को तलब कर उन्हें जानकारी दी गई। लड़की की उम्र नाबालिग देखते हुए उसे तत्काल रेस्क्यू कर रायपुर थाने पहुंचाया गया। उससे जरूरी जानकारी लेने के बाद बाल गृह बालिका में आवासित कराया गया। कार्रवाई के दौरान टीम और पुलिस रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के चुर्क एरिया स्थित हरहुआ गांव में नाबालिग के शादी की सूचना पर पहुंची। यहां भी पता चला कि दो-तीन दिन बाद शादी है। तत्काल शादी-तैयारी रुकवाते हुए किशोरी को विधिक संरक्षण में लेकर बाल गृह बालिका में आवासित कराया गया।
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इससे पूर्व जहां रविवार को राबटर्सगंज कस्बे के दंडइत बाबा मंदिर परिसर में फेरे की तैयारियों के वक्त नाबालिग की शादी रुकवाई गई थी। वहीं दो दिन पूर्व जुगैल थाना क्षेत्र के बेलगढ़ी में भी चार नाबालिगों की शादी रचाने की तैयारी की सूचना पर पहुंची टीम उन्हें रेस्क्यू कर मुख्यालय ले आई जहां बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बाल गृह बालिका में आवासित कराया गया।
चार में एक की शादी उसी दिन होनी थी। टीम पहुंची तो मंडप सजाया जा रहा था। दो की शादी 22 अप्रैल को होनी थी जिसके लिए तैयारियां चल रही थी। एक नाबालिग ऐसी पाई गई जिसकी शादी छह माह पूर्व ही रचाई गई थी। उसके ससुराल के लोग उसे उस दिन लेने आ रहे थे। परियोजना समन्वयक मुकेश सिंह ने बताया कि नाबालिगों की शादी रोकवाने के साथ ही एक नाबालिग का गौना भी रोकवाया गया है। हिदायत दी गई है कि कानूनन विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम में शादी और इसमें शामिल माता-पिता, रिश्तेदार, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित सभी को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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