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Sonebhadra News: विद्यालय संचालकों को चोर या माफिया कहना उचित नहीं
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चोपन। स्थानीय गौरव नगर स्थित एसएनजी परिसर में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों की एक बैठक हुई। इसमें संचालन में आ रही समस्याओं, अधिकारियों की कथित मनमानी और उत्पीड़न के खिलाफ एकजुटता पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता राजेश गोस्वामी ने की। उन्होंने कहा समाज में बिना भेदभाव के बच्चों का भविष्य संवारने वाले विद्यालय संचालकों को चोर या माफिया कहना उचित नहीं है।
रामउजागिर तिवारी ने कहा कि अभिभावक समय से शिक्षण शुल्क जमा नहीं करते, वहीं अधिकारी कथित रूप से सेवा शुल्क की मांग करते हैं। प्रमोद ने विद्यालय संचालकों को माफिया की तरह देखे जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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विवेक सिन्हा ने मान्यता के बाद संचालकों को गलत ठहराने पर सवाल उठाया। वहीं मनोज पांडेय ने अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने वाले संचालकों को परेशान किए जाने का उल्लेख किया। जबकि अमित सिंह ने शिक्षण शुल्क वसूली की कठिनाइयों पर बात की।
उन्होंने अभिभावकों से अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय से शुल्क जमा करने की अपील की। संचालन कर रहे सर्वेश पटेल ने सभी प्रबंधकों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर इमरान अहमद, दीपक गुप्ता, विकाश शुक्ला, सुधाकर शुक्ला, अमित सिंह, स्वेता दुबे, त्रिलोकी पांडेय, सरदार भगत सिंह, विनोद आदि उपस्थित रहे।
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बैठक की अध्यक्षता राजेश गोस्वामी ने की। उन्होंने कहा समाज में बिना भेदभाव के बच्चों का भविष्य संवारने वाले विद्यालय संचालकों को चोर या माफिया कहना उचित नहीं है।
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रामउजागिर तिवारी ने कहा कि अभिभावक समय से शिक्षण शुल्क जमा नहीं करते, वहीं अधिकारी कथित रूप से सेवा शुल्क की मांग करते हैं। प्रमोद ने विद्यालय संचालकों को माफिया की तरह देखे जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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विवेक सिन्हा ने मान्यता के बाद संचालकों को गलत ठहराने पर सवाल उठाया। वहीं मनोज पांडेय ने अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने वाले संचालकों को परेशान किए जाने का उल्लेख किया। जबकि अमित सिंह ने शिक्षण शुल्क वसूली की कठिनाइयों पर बात की।
उन्होंने अभिभावकों से अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय से शुल्क जमा करने की अपील की। संचालन कर रहे सर्वेश पटेल ने सभी प्रबंधकों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर इमरान अहमद, दीपक गुप्ता, विकाश शुक्ला, सुधाकर शुक्ला, अमित सिंह, स्वेता दुबे, त्रिलोकी पांडेय, सरदार भगत सिंह, विनोद आदि उपस्थित रहे।