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Sonebhadra News: विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन के तहत विकास कार्यों का शुभारंभ
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29 ग्राम पंचायतों में 71 कार्यों पर 1064 श्रमिक कर रहे हैं काम
म्योरपुर। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन योजना के तहत बृहस्पतिवार को म्योरपुर विकासखंड में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। खंड विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी ने ग्राम पंचायत मधुबन में पौधरोपण तथा ग्राम पंचायत फरीपान में तालाब खुदाई कार्य का फावड़ा चलाकर शुरुआत की।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में विकासखंड की 29 ग्राम पंचायतों में 71 विकास कार्य संचालित हैं, जिन पर कुल 1064 श्रमिक कार्यरत हैं। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन योजना में अब श्रमिकों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। साथ ही, एक जुलाई से मापी (मेजरमेंट) के आधार पर प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी भुगतान का प्रावधान भी लागू कर दिया गया है।
योजना के तहत ग्राम पंचायतों में अब चार प्रमुख श्रेणियों में कुल 318 प्रकार के कार्य कराए जा सकेंगे। इनमें जल संरक्षण एवं सुरक्षा (तालाब, चेक डैम), ग्रामीण आधारभूत अवसंरचना (सड़क, सामुदायिक भवन), आजीविका संबंधी अवसंरचना (भंडारण इकाइयां) तथा जलवायु एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्य शामिल हैं। खंड विकास अधिकारी दिनेश मिश्र ने बताया कि ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत की परिकल्पना को साकार करना है।
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कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बर्फीलाल, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी चंदन कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामवृक्ष, तकनीकी सहायक गंगाराम यादव, अरुण उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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म्योरपुर। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन योजना के तहत बृहस्पतिवार को म्योरपुर विकासखंड में विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। खंड विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी ने ग्राम पंचायत मधुबन में पौधरोपण तथा ग्राम पंचायत फरीपान में तालाब खुदाई कार्य का फावड़ा चलाकर शुरुआत की।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में विकासखंड की 29 ग्राम पंचायतों में 71 विकास कार्य संचालित हैं, जिन पर कुल 1064 श्रमिक कार्यरत हैं। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन योजना में अब श्रमिकों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। साथ ही, एक जुलाई से मापी (मेजरमेंट) के आधार पर प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी भुगतान का प्रावधान भी लागू कर दिया गया है।
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योजना के तहत ग्राम पंचायतों में अब चार प्रमुख श्रेणियों में कुल 318 प्रकार के कार्य कराए जा सकेंगे। इनमें जल संरक्षण एवं सुरक्षा (तालाब, चेक डैम), ग्रामीण आधारभूत अवसंरचना (सड़क, सामुदायिक भवन), आजीविका संबंधी अवसंरचना (भंडारण इकाइयां) तथा जलवायु एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्य शामिल हैं। खंड विकास अधिकारी दिनेश मिश्र ने बताया कि ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित ग्राम पंचायत की परिकल्पना को साकार करना है।
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कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बर्फीलाल, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी चंदन कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामवृक्ष, तकनीकी सहायक गंगाराम यादव, अरुण उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।