दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना के तहत बने बांध में इस वर्ष पहली बार जलस्तर 265.252 मीटर तक रोके जाने की तैयारी है। सिंचाई विभाग ने डूब क्षेत्र के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर डूब क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया जाएगा। सिंचाई विभाग निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि सुंदरी, भिसुर, कोरची, सुगवामान, रंदहटोला, गोहणा, बरखोहरा, अमवार, बघाडू, कुदरी और लांबी गांव के जो भी विस्थापित परिवार अब भी डूब क्षेत्र में रह रहे हैं, उन्हें तत्काल पुनर्वास कॉलोनी में आवंटित प्लॉट पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन परिवारों को अभी तक प्लॉट आवंटित नहीं हुए हैं, वे अमवार पुनर्वास कॉलोनी में प्लॉट प्राप्त कर डूब क्षेत्र खाली करें। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बांध का जलस्तर करीब 260 मीटर तक पहुंचा था, जबकि इस वर्ष सभी फाटक बंद कर 265.252 मीटर तक पानी रोका जाएगा। बांध का तकनीकी परीक्षण भी प्रस्तावित है, इसलिए जलभराव का स्तर पहले की तुलना में अधिक रहेगा। अधिशासी अभियंता ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता किसी भी विस्थापित परिवार के घर में पानी नहीं घुसने देना है। जिन मकानों में जलभराव की आशंका या सूचना मिल रही है, उनका सर्वे कर कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डूब क्षेत्र में रह रहे सभी परिवारों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।