निर्जला एकादशी 2026: पश्चिम वाहिनी गंगा बलुआ घाट पर भक्तों ने लगाई डुबकी, उमड़ा आस्था का सैलाब
Chandauli News: निर्जला एकादशी पर बृहस्पतिवार को पश्चिम वाहिनी गंगा के बलुआ घाट पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।
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सनातन धर्म में सभी एकादशियों में सर्वाधिक प्रभावशाली मानी जाने वाली निर्जला एकादशी पर गुरुवार को पश्चिम वाहिनी गंगा के बलुआ घाट पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली इस एकादशी पर इस वर्ष बने दुर्लभ संयोग ने श्रद्धालुओं की आस्था को और अधिक प्रबल कर दिया। ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और हजारों लोगों ने मां गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान विष्णु और भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। पूरे दिन घाट और मंदिरों में जप, तप, ध्यान, भजन-कीर्तन तथा दान-पुण्य का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत रखने से वर्षभर की 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन किए गए जप, तप, दान और शुभ संकल्प विशेष रूप से फलदायी होते हैं। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु को तुलसी मंजरी अर्पित कर मोक्ष की कामना की, वहीं भगवान शिव की आराधना कर जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की। निर्जला एकादशी के व्रत में जल ग्रहण करना भी वर्जित माना गया है। हालांकि वृद्ध, रोगी एवं शारीरिक रूप से असमर्थ लोगों को शास्त्रों में फलाहार के माध्यम से व्रत पूर्ण करने की अनुमति दी गई है।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहा। घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग तथा भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों को तैनात किया गया था। बलुआ थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह स्वयं घाट क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। पुलिस बल सुबह से ही तैनात रहा और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान एवं दर्शन-पूजन कराने के लिए लगातार निगरानी करता रहा। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुआ।