द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना तय: ढोल-नगाड़े पर जमकर झूमे आदिवासी, राज्यमंत्री की अगुवाई में निकला जुलूस
राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू की जीत साफ होते ही आदिवासी अंचल में जश्न का सिलसिला शुरू हो चुका है। सोनभद्र में राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड की अगुवाई में जुलूस निकालकर खुशी मनाई गई।
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द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनेंगी, यह लगभग तय हो गया है। नतीजे देर शाम तक आने की संभावना है। देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को पछाड़ दिया है। पहले राउंड की मतगणना में मुर्मू को 748 में से 540 वोट मिले। जबकि यशवंत सिन्हा को 208 मत मिले।
राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू की जीत साफ होते ही सोनभद्र का आदिवासी समाज खुशी से झूम उठा है। रूझानों में भारी बढ़त मिलने के बाद से ही जश्न का सिलसिला शुरू हो गया। डाला में राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड की अगुवाई में जुलूस निकालकर खुशी मनाई गई।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों पर आदिवासी खूब थिरके। राज्यमंत्री ने भी खुद ढोल बजाकर आदिवासी समाज के लिए इस गौरवपूर्ण पल की खुशी जाहिर की। जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के बग्घा नाला स्थित कार्यालय से जुलूस शुरू होकर भाजपा के ओबरा विधानसभा कार्यालय तक पहुंचा। जुलूस में शामिल आदिवासी जमकर थिरके।
पारंपरिक वेशभूषा धारण कर आदिवासी संस्कृति के प्रतीक करमा, डोमकच, सइलो नृत्य की भी प्रस्तुति दी। समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड भी उनके साथ थिरकते और वाद्य यंत्र बजाते नजर आए। उनका कहना था कि पूरे आदिवासी समाज के लिए यह गौरव का पल है। देश के सबसे ऊंचे पद पर समाज के दबे-कुचले आदिवासी समाज की महिला आसीन होने जा रही हैं। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथग्रहण समारोह होगा।