सोनभद्र। गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा रॉबर्ट्सगंज में बृहस्पतिवार को सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अरजन देव का 420वां शहीदी दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संगत ने शबद-कीर्तन, अखंड पाठ और लंगर का आयोजन किया। श्रद्धालुओं व राहगीरों को सरबत का वितरण किया। शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में संगत ने 40 दिनों तक श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया। अखंड पाठ की समाप्ति के बाद आयोजित कीर्तन दरबार में राजकुमार सिंह, विशाल सिंह, सुरजन सिंह और दया सिंह ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में दया सिंह और पृथ्वीपाल सिंह ने गुरु अरजन देव के जीवन, त्याग और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। गुरु अरजन देव को गर्म तवे पर बैठाकर और ऊपर से गर्म रेत डालकर शहीद किया गया था, फिर भी वे प्रभु स्मरण में लीन रहे। उन्होंने ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब का संपादन किया, जिसमें सिख गुरुओं के साथ संत कबीर, गुरु रविदास, बाबा फरीद सहित अनेक भक्तों की वाणी को स्थान दिया गया। गुरुजी का बलिदान हमें यह प्रेरणा देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम में अजीत सिंह भंडारी, जसबीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, कमलेश सिंह खांबे, संतोष सिंह, रवि, दिलकरण सिंह, मनमीत सिंह, सोनू, पारब्रह्म सिंह, बलविंदर सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।