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Sonebhadra News: एसआईटी की जांच में खुलासा, सरिया शटरिंग करने वाले का बनवाया जीएसटी एकाउंट और उसमें जोड़ दी अपनी मेल आईडी
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सोनभद्र। बोगस फर्मों के जरिये जीएसटी चोरी की छानबीन में जुटी एसआईटी के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। जांच में पता चला है कि सोनभद्र के रहने वाले जिस आसिफ अली को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था।
वह सेल टैक्स का काम देख रहे एक अधिवक्ता के यहां एकाउंटेंट था। इसका फायदा उठाते हुए उसने जीएसटी चोरी के इस खेल में खुद की फर्म के साथ कई दूसरी फर्मों का इस्तेमाल किया। एक सरिया शटरिंग का काम करने वाले का जीएसटी एकाउंट खुलवाते समय उसमें अपनी मेल आईडी जोड़ दी।
यही काम दूसरी फर्मों के साथ किया। अब तक की जांच में महज आसिफ के जरिये 70 लाख की जीएसटी चोरी सामने आया है। उधर, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत के मसले पर प्रकरण की सुनवाई कर रही सत्र न्यायाधीश रामसुनील सिंह की अदालत ने शुक्रवार को प्रकरण को खासा गंभीर मानते हुए अर्जी खारिज कर दी है।
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बताते चलें कि गत तीन अप्रैल को डाला के रहने वाले आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। राज्य कर अधिकारी की तरफ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया था कि आसिफ की फर्म डीके एसोसिएट के साथ अन्य नौ फर्मों के स्वामियों ने जीएसटी चोरी की।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायालय ने पाया कि अभियोजन की तरफ से न्यायालय में जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए हैं उसके मुताबिक एणक फर्म के प्रोपराइटर मु. हसैन ने अपने बयान में बताया है कि वह सरिया सेटरिंग का काम करता है।
उसने इसी कार्य के लिए जीएसटी एकाउंट बनवाया था। एक अधिवक्ता से इसका रिटर्न भरवा रहा था।
वह सेल टैक्स का काम देख रहे एक अधिवक्ता के यहां एकाउंटेंट था। इसका फायदा उठाते हुए उसने जीएसटी चोरी के इस खेल में खुद की फर्म के साथ कई दूसरी फर्मों का इस्तेमाल किया। एक सरिया शटरिंग का काम करने वाले का जीएसटी एकाउंट खुलवाते समय उसमें अपनी मेल आईडी जोड़ दी।
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यही काम दूसरी फर्मों के साथ किया। अब तक की जांच में महज आसिफ के जरिये 70 लाख की जीएसटी चोरी सामने आया है। उधर, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत के मसले पर प्रकरण की सुनवाई कर रही सत्र न्यायाधीश रामसुनील सिंह की अदालत ने शुक्रवार को प्रकरण को खासा गंभीर मानते हुए अर्जी खारिज कर दी है।
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मामले की सुनवाई कर रही न्यायालय ने पाया कि अभियोजन की तरफ से न्यायालय में जो प्रपत्र प्रस्तुत किए गए हैं उसके मुताबिक एणक फर्म के प्रोपराइटर मु. हसैन ने अपने बयान में बताया है कि वह सरिया सेटरिंग का काम करता है।
उसने इसी कार्य के लिए जीएसटी एकाउंट बनवाया था। एक अधिवक्ता से इसका रिटर्न भरवा रहा था।