सोनभद्र। सोनांचल में करीब पांच दशक से खड़ी 10 प्रमुख बंधियों की भी सुरक्षा अब परखी जाएगी। दस मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इन बंधियों की तकनीकी जांच केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की विशेषज्ञ टीम करेगी। तीन सदस्यीय विशेषज्ञ दल 10 अगस्त को सोनभद्र पहुंचेगा और 11 से 14 अगस्त तक बंधियों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच करेगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से बंधियों की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सोनभद्र जिले में बड़ी संख्या में बांध और बंधियां ही सिंचाई व्यवस्था का आधार हैं। ऐसे में पुरानी बंधियों की तकनीकी स्थिति की जांच को सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज के अंतर्गत नगवां बांध को छोड़कर कुल 23 बंधियां हैं। इनमें 10 बंधियां ऐसी हैं, जिनकी ऊंचाई 10 मीटर से अधिक है। डैम एक्ट के तहत आने वाली इन बंधियों की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय जल आयोग तकनीकी परीक्षण करा रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन बंधियों में कई 50 साल पुरानी हैं। लंबे समय से अस्तित्व में होने के कारण इनकी मौजूदा तकनीकी स्थिति का आकलन किया जाना जरूरी है। इसी क्रम में विशेषज्ञों की टीम जांच के लिए आ रही है। विशेषज्ञ टीम 11 से 14 अगस्त तक अलग-अलग बंधियों पर पहुंचकर जांच करेगी। इस दौरान बंधियों की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद केंद्रीय जल आयोग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में सामने आने वाली कमियों और सुझावों के आधार पर बंधियों की मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा बढ़ाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय जल आयोग की विशेषज्ञों की टीम करगरा स्थित बंधी, अमौली, रघुनाथपुर, रजवन, सिलहटा, देवरी, नरसो, मूर्तिया, जोगेंद्रा और शिगोरी बंधी की जांच करेगी। इन सभी बंधियों की ऊंचाई 10 मीटर से अधिक है। ये सभी बंधियां सिंचाई निर्माण खंड रॉबर्ट्सगंज आती हैं। बता दें कि मिर्जापुर कैनाल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले धंधरौल बांध के साथ ही ओबरा डैम समेत अन्य बांधों की सुरक्षा के लिए भी केंद्रीय जल आयोग की तरफ से पहल की जा रही है। 10 बंधियों की जांच करने आ रही तीन सदस्यीय टीम के जाने के बाद नगवां बांध की तकनीकी जांच के लिए अलग से पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम 23 अगस्त को सोनभद्र आएगी। यह टीम बांध की सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करेगी। नगवां बांध जिले की प्रमुख जल संरचनाओं में शामिल है, ऐसे में इसकी जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।