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Sonebhadra News: गांवों में डिजिटल सेवाओं की कमान संभालेंगी समूह की महिलाएं
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ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और गांवों में सरकारी सेवाओं की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत गाजीपुर को 429 सीएससी-वीएलई तैयार करने का लक्ष्य मिला है। पहले चरण में विभिन्न विकासखंडों से 70 स्वयं सहायता समूहों का चयन किया गया है।
जिला मिशन प्रबंधक परितोष पांडेय ने बताया कि चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर सीएससी के माध्यम से 850 से अधिक सरकारी, बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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इनमें प्रमाणपत्र बनवाने, पैन कार्ड, बिजली बिल जमा करने, बीमा, डिजी पे और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
योजना के तहत महिलाओं को प्रत्येक सेवा पर मिलने वाले कमीशन का 80 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे महिलाओं को हर महीने पांच हजार से 15 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
सीएससी संचालन के लिए लैपटॉप, बायोमेट्रिक डिवाइस और प्रिंटर जैसी तकनीकी सामग्री खरीदने के लिए महिलाओं को सीआईएफ, सीसीएल और बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल, आयु 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
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उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के तहत गाजीपुर को 429 सीएससी-वीएलई तैयार करने का लक्ष्य मिला है। पहले चरण में विभिन्न विकासखंडों से 70 स्वयं सहायता समूहों का चयन किया गया है।
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जिला मिशन प्रबंधक परितोष पांडेय ने बताया कि चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर सीएससी के माध्यम से 850 से अधिक सरकारी, बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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इनमें प्रमाणपत्र बनवाने, पैन कार्ड, बिजली बिल जमा करने, बीमा, डिजी पे और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
योजना के तहत महिलाओं को प्रत्येक सेवा पर मिलने वाले कमीशन का 80 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे महिलाओं को हर महीने पांच हजार से 15 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
सीएससी संचालन के लिए लैपटॉप, बायोमेट्रिक डिवाइस और प्रिंटर जैसी तकनीकी सामग्री खरीदने के लिए महिलाओं को सीआईएफ, सीसीएल और बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। आवेदन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल, आयु 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।