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Sonebhadra News: सुपर स्पेशलिस्ट ओटी से लैस होगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल
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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के 300 बेड का सात मंजिला नवनिर्मित अस्पताल जल्द ही सुपर स्पेशलिस्ट ओटी से लैस होगा। इसमें यूरोलॉजी, न्यूरो और गैस्ट्रो संबंधित मरीजों को सर्जरी का लाभ मिलेगा। यहीं नहीं छठवें तल पर ही डेंटल, आर्थोपेडिक और जनरल सर्जरी का भी ऑपरेशन थिएटर संचालित होगा। सितंबर माह के अंतिम सप्ताह तक एक ही छत के नीचे संचालन शुरू हो जाएगा।
शहर एवं ग्रामीण इलाकों के अलावा सटे गैर जनपद व प्रांत से प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में तीन हजार से अधिक विभिन्न बीमारियों के मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। वहीं विभिन्न गंभीर बीमारियों की सर्जरी के लिए भी प्रतिदिन 80 से 90 मरीज की ओपीडी पर्ची पर सर्जरी के लिए डॉक्टरों द्वारा तिथि नियत की जाती है। ऐसे में 200 बेड के पुरुष अस्पताल के दो ओटी कक्ष में सर्जनों को ऑपरेशन करना पड़ता है। यहीं नहीं सर्जरी के लिए लंबी तिथि पर्ची पर पड़ जाने से काफी परेशानी का सामना मरीजों को करना पड़ता है। मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में ही एक ही तल पर सभी ऑपरेशन थिएटर को स्थापित करने का क्रम शुरू किया गया। छठवें तल पर जनरल सर्जरी, डेंटल, आर्थोपेडिक की ओटी के साथ-साथ सुपर स्पेशलिस्ट ओटी को स्थापित करने की कवायद तेज कर दी गई है, जिससे विभिन्न बीमारियों के मरीजों का अलग-अलग ओटी में सर्जरी और वेटिंग की समस्या भी समाप्त हो सके।
सितंबर माह के अंतिम सप्ताह तक सुपर स्पेशलिस्ट ओटी सहित आर्थोपेडिक, जनरल और डेंटल सर्जरी कक्ष संचालित होने लगेगी। एक दिन में कम से कम पांच मरीजों की सर्जरी होगी। ऐसे में वेटिंग की समस्या भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।- प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
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प्रतिदिन 20 मरीजों की होगी सर्जरी, वेटिंग होगी खत्म
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के छठवें तल पर एक साथ चार कक्ष में अलग-अलग विधाओं व बीमारियों संबंधित ऑपरेशन थिएटर के संचालन से प्रतिदिन एक ओटी कक्ष में 5 मरीजों की आसानी से सर्जरी हो सके। ऐसे में प्रतिदिन 20 मरीजों की जहां सर्जरी होगी, वहीं, सर्जरी के लिए 15 दिन से डेढ़ माह तक की वेटिंग समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसका लाभ गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को मिलेगा।
ऑक्सीजन पाइप लाइन का कार्य अंतिम चरण में
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के छठवें तल पर बन ओटी कक्ष, आईसीयू और मरीजों के भर्ती होने वाले बेडों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सितंबर माह के दूसरे सप्ताह तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू हो जाएगा।
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शहर एवं ग्रामीण इलाकों के अलावा सटे गैर जनपद व प्रांत से प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में तीन हजार से अधिक विभिन्न बीमारियों के मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। वहीं विभिन्न गंभीर बीमारियों की सर्जरी के लिए भी प्रतिदिन 80 से 90 मरीज की ओपीडी पर्ची पर सर्जरी के लिए डॉक्टरों द्वारा तिथि नियत की जाती है। ऐसे में 200 बेड के पुरुष अस्पताल के दो ओटी कक्ष में सर्जनों को ऑपरेशन करना पड़ता है। यहीं नहीं सर्जरी के लिए लंबी तिथि पर्ची पर पड़ जाने से काफी परेशानी का सामना मरीजों को करना पड़ता है। मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नवनिर्मित 300 बेड के अस्पताल में ही एक ही तल पर सभी ऑपरेशन थिएटर को स्थापित करने का क्रम शुरू किया गया। छठवें तल पर जनरल सर्जरी, डेंटल, आर्थोपेडिक की ओटी के साथ-साथ सुपर स्पेशलिस्ट ओटी को स्थापित करने की कवायद तेज कर दी गई है, जिससे विभिन्न बीमारियों के मरीजों का अलग-अलग ओटी में सर्जरी और वेटिंग की समस्या भी समाप्त हो सके।
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सितंबर माह के अंतिम सप्ताह तक सुपर स्पेशलिस्ट ओटी सहित आर्थोपेडिक, जनरल और डेंटल सर्जरी कक्ष संचालित होने लगेगी। एक दिन में कम से कम पांच मरीजों की सर्जरी होगी। ऐसे में वेटिंग की समस्या भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।- प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज गाजीपुर
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प्रतिदिन 20 मरीजों की होगी सर्जरी, वेटिंग होगी खत्म
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के छठवें तल पर एक साथ चार कक्ष में अलग-अलग विधाओं व बीमारियों संबंधित ऑपरेशन थिएटर के संचालन से प्रतिदिन एक ओटी कक्ष में 5 मरीजों की आसानी से सर्जरी हो सके। ऐसे में प्रतिदिन 20 मरीजों की जहां सर्जरी होगी, वहीं, सर्जरी के लिए 15 दिन से डेढ़ माह तक की वेटिंग समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसका लाभ गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को मिलेगा।
ऑक्सीजन पाइप लाइन का कार्य अंतिम चरण में
गाजीपुर। नवनिर्मित अस्पताल के छठवें तल पर बन ओटी कक्ष, आईसीयू और मरीजों के भर्ती होने वाले बेडों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। सितंबर माह के दूसरे सप्ताह तक ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू हो जाएगा।