{"_id":"6a11f014338a3b1cf009ab03","slug":"the-capacity-of-86-transformers-was-upgraded-last-year-yet-they-became-overloaded-once-again-this-summer-sonbhadra-news-c-194-1-son1017-146889-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: पिछले साल बढ़ाई गई थी 86 ट्रांसफाॅर्मरों की \nक्षमता, इस बार गर्मी में फिर हुए ओवरलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: पिछले साल बढ़ाई गई थी 86 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता, इस बार गर्मी में फिर हुए ओवरलोड
विज्ञापन
रॉबर्ट्सगंज के न्यू कॉलोनी में लो वो वोल्टेज की समस्या पर लगाया गया ट्राली ट्रांसफार्मर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सोनभद्र। भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए की गई सभी तैयारियां ध्वस्त हो गई है। बिजली की मांग में वृद्धि का असर है कि 2025 में जिन 86 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी, वो फिर ओवरलोड के कारण ट्रिप कर जा रहे हैं।
लो वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर फुंकने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। नतीजा उपभोक्ता बिजली के लिए परेशान हैं। फिलहाल विभाग लोड बांटकर किसी तरह व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटा है।
बिजली निगम के अनुसार पिछले वर्ष जिले में 86 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद इस बार रिकॉर्ड बिजली खपत के कारण कई उपकेंद्रों और वितरण ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक दबाव बन गया है।
विज्ञापन
निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही बिजली मांग के चलते व्यवस्था को संभालना चुनौती बनता जा रहा है। बिजली निगम के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2025 में जिले में 8 करोड़ 19 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी, जबकि इस वर्ष अप्रैल में यह बढ़कर 8 करोड़ 31 लाख यूनिट पहुंच गई।
यानी एक वर्ष में अप्रैल के दौरान 12.5 लाख यूनिट अधिक बिजली खर्च हुई है। मई में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की खपत में और तेजी आई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल के कारण अप्रैल की तुलना में मई में करीब 10 से 11 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग दर्ज की जा रही है।
लो वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर फुंकने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। नतीजा उपभोक्ता बिजली के लिए परेशान हैं। फिलहाल विभाग लोड बांटकर किसी तरह व्यवस्था को सुचारू बनाने में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली निगम के अनुसार पिछले वर्ष जिले में 86 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद इस बार रिकॉर्ड बिजली खपत के कारण कई उपकेंद्रों और वितरण ट्रांसफॉर्मरों पर अत्यधिक दबाव बन गया है।
Trending Videos
निगम के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही बिजली मांग के चलते व्यवस्था को संभालना चुनौती बनता जा रहा है। बिजली निगम के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2025 में जिले में 8 करोड़ 19 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी, जबकि इस वर्ष अप्रैल में यह बढ़कर 8 करोड़ 31 लाख यूनिट पहुंच गई।
यानी एक वर्ष में अप्रैल के दौरान 12.5 लाख यूनिट अधिक बिजली खर्च हुई है। मई में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की खपत में और तेजी आई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल के कारण अप्रैल की तुलना में मई में करीब 10 से 11 प्रतिशत अधिक बिजली की मांग दर्ज की जा रही है।