सोनभद्र। जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास की शासी परिषद की बैठक में खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, खेल, पर्यटन, गोसंरक्षण और जल निकासी से जुड़ी करोड़ों रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा कर अहम निर्णय लिए। बैठक में सांसद छोटेलाल खरवार, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह और आशुतोष सिन्हा भी मौजूद रहे।जिला स्वास्थ्य समिति की कार्ययोजना को स्वीकृति देते हुए अस्पतालों एवं राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, शौचालय, चहारदीवारी और अनुरक्षण कार्य भी कराए जाएंगे। रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए ओबरा में खनन प्रशिक्षण विद्यालय स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक मिनी स्टेडियम बनाने की मंजूरी दी गई। साथ ही ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया एवं संपर्क मार्गों का निर्माण, नगर क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेनेज प्रणाली विकसित कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की योजना को भी स्वीकृति मिली। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं मजबूत करने के उद्देश्य से चेकडैम निर्माण, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ऑयलसीड प्रसंस्करण इकाई की स्थापना और बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए वृहद गोसंरक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा मंगलेश्वर महादेव मार्ग और सलखन फॉसिल्स पार्क तक बेहतर संपर्क मार्ग विकसित करने, व्यापक पौधरोपण के माध्यम से पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की कार्ययोजना को भी हरी झंडी दी गई। इस मौके पर डीएम चर्चित गौड़, सीडीओ जागृति अवस्थी, एडीएम वगीश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह, ज्येष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप आदि मौजूद रहे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में करोड़ों रुपये डीएफएफ का पैसा पड़ा हुआ है, जिसका उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए। शिक्षा, चिकित्सा व प्रदूषण नियंत्रण के कार्यों में धनराशि खर्च की जाए, लेकिन प्रोजेक्ट जनहित को ध्यान में रखकर ही बनें। पूर्व में कराये गए लगभग 300 करोड़ रुपये की तरह न हो, जिसकी जांच भी चल रही है। डॉ. धर्मवीर तिवारी ने सोनभद्र में अटल जी के नाम पर एक बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी बनाने, अबाडी के पास पुल बनाकर उसे पर्यटन हब घोषित करने, पूरे खनन क्षेत्र में स्प्रिंगलर लगाकर प्रदूषण मुक्त रखने के लिए कार्य करने की मांग की।