अनपरा। प्रचंड गर्मी के बीच बिजली की मांग भी 30 हजार मेगावाट के पार चल रही है। मांग पूरा करने के लिए तापीय परियोजनाएं पूरी क्षमता से चल रही हैं। सेंट्रल पूल से महंगी बिजली का लोड कम करने के लिए अब जल विद्युत इकाइयों को भी चालू कर दिया गया है। शनिवार को प्रदेश की सभी जल विद्युत इकाइयों ने 807 मेगावाट का उत्पादन किया।
बीते दो दिनों से प्रदेश में बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार चल रही थी। भीषण गर्मी और ओवरलोड के कारण कई इलाकों में ट्रिपिंग भी हो रही, जिससे बृहस्पतिवार की देर रात पीकआवर में बिजली की अधिकतम मांग में 579 मेगावाट कम हो गई। इसके अगले 24 घंटे में बिजली की मांग ने 982 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई। इस कारण बिजली की सभी इकाइयाें को पूर्ण क्षमता से संचालित किया जा रहा है। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए लोड डिस्पैच सेंटर के निर्देश पर प्रदेश के सभी जलविद्युत इकाइयों को भी पूर्ण क्षमता से संचालित कर दिया गया। पीकआवर में रिहंद की जलविद्युत की इकाइयों ने 245, ओबरा की इकाइयों से 70, खारा की इकाइयों से 34, माताटीला की इकाइयों से 22, विष्णु प्रयाग से 292 और अलकनंदा की इकाइयों से 144 मेगावाट का उत्पादन किया।