अनपरा। विद्यालयों के 500 मीटर के आसपास नशीले पदार्थ की बिक्री पर रोक के आदेश का नगर क्षेत्र में कोई असर नहीं है। कई विद्यालयों के सामने ही गुटखा, तंबाकू सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। शराब, बियर की दुकानें भी चल रही हैं। बच्चों और किशोरों में नशे की लत न लगे, इसके लिए शासन की ओर से पहले शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे को तंबाकू मुक्त क्षेत्र घोषित करने का आदेश था। नई कार्ययोजना में इसे 500 मीटर किया गया है। शैक्षणिक संस्थानों से 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू, गुटखा, सिगरेट व शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है। जो दुकानें हैं, उसे भी हटाने के लिए निर्देश जारी किए थे लेकिन नगर के कई विद्यालयों के सामने ही तंबाकू, गुटखा और सिगरेट की दुकानें संचालित हो रही हैं। साथ ही 100 मीटर के दायरे में कई शराब की दुकानें भी खुली हैं। इससे बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। शराब की दुकानों से गुजरने वाली लड़कियों को भी शराबियों का सामना करना पड़ता है। शासन का आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। एनसीएल ककरी परियोजना के आवासीय परिसर में डीएवी पब्लिक स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज है। दोनों विद्यालयों 100 मीटर की दूरी पर गेट के सामने ही अंग्रेजी, देसी और बियर की दुकानें संचालित होती हैं। बच्चे विद्यालय से छूटने के बाद शराब की दुकानों के सामने से होकर घर जाते हैं। औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन के अनपरा मोड़ के पहले चर्च के सामने एक माध्यमिक विद्यालय है। यहां करीब 150 मीटर की दूरी पर महिंद्रा एजेंसी के बगल में अंग्रेजी और बियर की कंपोजिट दुकान है। दिनभर यहां शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। अनपरा-रेणुकूट मार्ग के डिबुलगंज में कंपोजिट विद्यालय से करीब 50 मीटर की दूरी पर पान गुटखा की बिक्री हो रही है। सौ मीटर की दूरी पर ही अंग्रेजी व बियर की कंपोजिट दुकान है। कुछ ही दूर पर देसी शराब की भी दुकान है। यहां दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। विद्यालय आने-जाने वाले बच्चे भी इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। अनपरा-रेणुकूट मार्ग के डिबुलगंज में रामखलखन इंटरमीडिएट कॉलेज के सामने ही तंबाकू, गुटखा और सिगरेट की दुकान हैं। विद्यालय जाने के समय और छूटने के बाद यहां युवकों की दुकानों पर भीड़ लगती है। विद्यालय के बच्चे युवकों को देखकर नशे की ओर प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व में इन दुकानों पर नशेड़ियों ने मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं।