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Sonebhadra News: खुशियां हों या गम क्या फर्क पड़ेगा...
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म्योरपुर। राजा चंडोल इंटर कॉलेज लीलासी कला परिसर में चल रही 41वीं अंतरराज्यीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में शनिवार की देर शाम काव्य-निशा का आयोजन हुआ। झारखंड से आए कवि कमलेश ने मजदूर वर्ग की पीड़ा को स्वर देते हुए - खुशियां हों या गम क्या फर्क पड़ेगा, एक बेबस मजदूर के घर बढ़ेगा सिर्फ उसका कर्ज बढ़ेगा... सुनाया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सरस्वती वंदना से हुआ। बीएचयू से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को जीवंत कर दिया। कवि शिवम सांवरा ने हम पितृ धरोहर बेंचि दयो, मुलू चित्र तुम्हार धरो है अभी... से काव्य संध्या का आगाज किया। अंकित मिश्रा ने युवा मन के संघर्ष को स्वर देते हुए सुनाया, एक तहजीब थी जिस किसी से मिलो, हाथ पकड़े मगर यूं दबाए नहीं... पर खूब तालियां बटोरीं। वैभव अवस्थी ने सौ करोड़ हिंदू हैं लेकिन हिंदुस्तान नहीं दिखता... पढ़कर श्रोताओं को गंभीर सोच के लिए विवश कर दिया। वत्सल रोहिल्ला ने करें हम इश्क की बातें कई साल, मगर है एक मुसीबत वक्त कम है... सुनाया। बीएचयू के अभिनंदन की रचनाओं में सामाजिक चेतना मुखर रही, जिसने विशेष रूप से युवाओं को प्रभावित किया।
कवि यथार्थ विष्णु ने - हम सोनभद्र की सोंधी-सोंधी मिट्टी से आते हैं... कहकर भावुक कर दिया। कवि आकाश, डॉ. लखन राम जंगली, आशीष कुमार गुप्ता ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर रविकांत गुप्ता, रामनरेश जायसवाल, बर्फीलाल, जयंत कुमार, रामनारायण आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का उद्घाटन सरस्वती वंदना से हुआ। बीएचयू से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को जीवंत कर दिया। कवि शिवम सांवरा ने हम पितृ धरोहर बेंचि दयो, मुलू चित्र तुम्हार धरो है अभी... से काव्य संध्या का आगाज किया। अंकित मिश्रा ने युवा मन के संघर्ष को स्वर देते हुए सुनाया, एक तहजीब थी जिस किसी से मिलो, हाथ पकड़े मगर यूं दबाए नहीं... पर खूब तालियां बटोरीं। वैभव अवस्थी ने सौ करोड़ हिंदू हैं लेकिन हिंदुस्तान नहीं दिखता... पढ़कर श्रोताओं को गंभीर सोच के लिए विवश कर दिया। वत्सल रोहिल्ला ने करें हम इश्क की बातें कई साल, मगर है एक मुसीबत वक्त कम है... सुनाया। बीएचयू के अभिनंदन की रचनाओं में सामाजिक चेतना मुखर रही, जिसने विशेष रूप से युवाओं को प्रभावित किया।
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कवि यथार्थ विष्णु ने - हम सोनभद्र की सोंधी-सोंधी मिट्टी से आते हैं... कहकर भावुक कर दिया। कवि आकाश, डॉ. लखन राम जंगली, आशीष कुमार गुप्ता ने भी काव्य पाठ किया। इस मौके पर रविकांत गुप्ता, रामनरेश जायसवाल, बर्फीलाल, जयंत कुमार, रामनारायण आदि मौजूद रहे।