सोनभद्र। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब लाभार्थी स्वयं भी ऑनलाइन प्रक्रिया से अपना आयुष्मान कार्ड बना सकेंगे। साथ ही सूची और आधार कार्ड में दर्ज नाम, टाइटल, पिता या पति के नाम और जन्मतिथि में अंतर के कारण कार्ड बनने में आ रहीं समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था से जिले के लगभग 60 हजार ऐसे लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके आयुष्मान कार्ड तकनीकी त्रुटियों के कारण अब तक नहीं बन पाए थे। जिले में आयुष्मान योजना के तहत करीब 9.60 लाख लाभार्थियों का कार्ड बनाया जाना है। इनमें से लगभग सात लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जबकि शेष लाभार्थियों में अधिसंख्य के कार्ड नाम, टाइटल, पिता या पति के नाम और जन्मतिथि में भिन्नता जैसी समस्याओं के कारण नहीं बन पाए हैं। राज्य स्तर से लागू नई व्यवस्था को इन बाधाओं को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए दो व्यवस्थाएं लागू हैं। पहली व्यवस्था पूर्व से संचालित है, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिकृत ऑपरेटरों को आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाता है। इनके माध्यम से कार्ड बनाए जाते हैं और प्रति कार्ड पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। दूसरी ओर नई व्यवस्था के तहत लाभार्थी सूची में शामिल कोई भी पात्र व्यक्ति स्वयं आयुष्मान पोर्टल पर जाकर अपना विवरण दर्ज कर सकेगा। यदि लाभार्थी द्वारा दर्ज जानकारी सूची और आधार कार्ड के विवरण से मेल खाती है तो उसका आयुष्मान कार्ड स्वतः जारी हो जाएगा। इससे लोगों को जनसेवा केंद्र या अन्य माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी बुजुर्ग भी स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकेंगे। इससे वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब सूची और आधार कार्ड में दर्ज नाम के टाइटल में अंतर, पिता या पति के नाम की विसंगति और जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों का निस्तारण जिले स्तर पर ही कर दिया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों को सीएमओ कार्यालय स्थित आयुष्मान दफ्तर में संपर्क कर जरूरी कागजात उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद त्रुटि सुधार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से जिले के हजारों ऐसे पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बन सकेगा, जो तकनीकी कारणों से अब तक योजना के लाभ से वंचित थे।