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देश में जासूसी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा: 53 खातों में हुई विदेशी फंडिंग, अब एनआईए करेगी मामले की जांच

राजू मलिक, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: विकास कुमार Updated Wed, 15 Apr 2026 05:51 PM IST
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सार

इस जासूसी नेटवर्क के तार पाकिस्तान, यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक जुड़े मिले हैं। मामले की प्राथमिकी कौशांबी थाने में दर्ज की गई थी, जिसकी जांच एसआईटी के साथ एनआईए, आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से की थी। देशविरोधी गतिविधियों के चलते अब प्रकरण की जांच एनआईए करेगी।

Spies Received Foreign Funding Across 53 Accounts NIA to Now Conduct Investigation
जासूसी कांड - फोटो : AI Image
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विस्तार

यूपी के गाजियाबाद स्थित कौशांबी में पकड़े गए आईएसआई से जुड़े 21 जासूसों की करतूत की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। एसआईटी की जांच में 53 बैंक खातों में 1.27 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग का खुलासा होने के बाद एनआईए ने मामला अपने हाथों में लेने का फैसला किया है। इसके लिए एजेंसी ने डीसीपी सिटी को पत्राचार कर केस ट्रांसफर करने के लिए कहा है।

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53 बैंक खातों से विदेश गया पैसा
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि जासूसी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के लिए कुल 53 बैंक खातों में विदेश से पैसा आया। ये खाते पंजाब, पश्चिम बंगाल और बिहार के हैं। सबसे अधिक रकम बिहार में भागलपुर के पते पर मिले बैंक खाते में भेजी गई है।

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आठ घंटे की रिकॉर्डिंग पाकिस्तान भेजी
जांच में यह भी सामने आया कि सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे एक कैमरे के जरिये ट्रेनों के संचालन की करीब आठ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग पड़ोसी देशों में भेजी गई। विशेषज्ञों की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

पाकिस्तान, यूके, मलेशिया और सऊदी अरब से जुड़े तार
इस जासूसी नेटवर्क के तार पाकिस्तान, यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक जुड़े मिले हैं। मामले की प्राथमिकी कौशांबी थाने में दर्ज की गई थी, जिसकी जांच एसआईटी के साथ एनआईए, आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से की थी। देशविरोधी गतिविधियों के चलते अब प्रकरण की जांच एनआईए करेगी।

29 पकड़े, छह नाबालिग भी शामिल
मामले में गाजियाबाद और हापुड़ से अब तक कुल 29 संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है। इनमें छह नाबालिग भी शामिल हैं। बीती 14 मार्च को सुहैल मलिक और साने इरम समेत आधा दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद 20 व 21 मार्च को कई और संदिग्धों को पकड़ा गया। एसआईटी ने 24 मार्च को दिल्ली, शामली व कौशांबी से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ संपर्क
जांच में सामने आया है कि गिरोह के मुख्य सदस्य समीर उर्फ शूटर ने वर्ष 2023 में हथियारों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे। इन्हीं पोस्ट को देखकर सुहैल मलिक और नौशाद अली ने उससे संपर्क किया। उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर पाकिस्तान में बैठे सरफराज के निर्देश पर अलग-अलग टास्क दिए जाने लगे।

दो साल से सक्रिय, बड़ी साजिश की थी तैयारी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह नेटवर्क करीब दो साल से सक्रिय था। पाकिस्तान में बैठा सरफराज भारत में जासूसों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर रहा था, जिसका उद्देश्य संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाकर भविष्य में बड़ी साजिश को अंजाम देना था। जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, फोटो और वीडियो मिले हैं।

जासूसी के आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन, मनी ट्रेल की जांच जारी है। कुछ खातों में विदेशी फंडिंग के सुराग मिले हैं। अब इस प्रकरण की जांच एनआईए करेगी। इसके लिए पत्राचार शुरू हो चुका है। -धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी

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