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Sultanpur News: कराहती रही प्रसूता, बुलाने पर भी नहीं आए चिकित्सक, मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:41 PM IST
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प्रसूता की मौत के बाद बिलखती मां। स्रोत- सोशल मीडिया
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सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कादीपुर के पदारथपुर निवासी अंशिका उपाध्याय (24) रात भर दर्द से तड़पती रहीं, परिजन स्टाफ से चिकित्सक को बुलाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन चिकित्सक इलाज के लिए नहीं आए। रात में घंटों तड़पने के बाद शुक्रवार तड़के अंशिका की मौत हो गई। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा कर परिजनों ने हंगामा किया।
आरोप है कि तैनात चिकित्सक व स्टाफ ने परिजनों से अभद्रता कर मारपीट भी की। दो घंटे हंगामा चला, स्थिति बिगड़ते देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझा कर मामला शांत कराया। प्राचार्य ने आरोपी सात स्वास्थ्यकर्मियों का एक दिन का वेतन काटते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
कादीपुर के पदारथपुर निवासी पंकज उपाध्याय की पत्नी अंशिका उपाध्याय (24) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया। शाम 6:24 बजे सामान्य प्रसव हुआ, और अंशिका ने बेटे को जन्म दिया। रात 10 बजे प्रसूता ने ठंड लगने की बात बताई। प्रसूता की मां ने बताया कि वहां तैनात चिकित्सकों से कई बार मरीज को देखने के लिए कहती रहीं, लेकिन हर कोई आकर बीपी चेक कर चला जा रहा था।
सुबह साढ़े चार बजे प्रसूता की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रीती जैन ने सदर तहसीलदार देवानंद तिवारी के साथ अस्पताल में घटी घटना जानकारी ली। परिजनों ने अंशिका के शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप भी लगाया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उनकी बेटी के शव काे जबरन उनसे ले लिया।
दोषी कर्मी होंगे बर्खास्त
प्रसूता की मौत को लेकर तीन सदस्यीय जांच टीम बना दी गई है। बृहस्पतिवार को घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक समेत सात स्वास्थ्यकर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। जांच टीम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें दोषी पाए जाने वाले कर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा। - डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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आरोप है कि तैनात चिकित्सक व स्टाफ ने परिजनों से अभद्रता कर मारपीट भी की। दो घंटे हंगामा चला, स्थिति बिगड़ते देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझा कर मामला शांत कराया। प्राचार्य ने आरोपी सात स्वास्थ्यकर्मियों का एक दिन का वेतन काटते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
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कादीपुर के पदारथपुर निवासी पंकज उपाध्याय की पत्नी अंशिका उपाध्याय (24) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया। शाम 6:24 बजे सामान्य प्रसव हुआ, और अंशिका ने बेटे को जन्म दिया। रात 10 बजे प्रसूता ने ठंड लगने की बात बताई। प्रसूता की मां ने बताया कि वहां तैनात चिकित्सकों से कई बार मरीज को देखने के लिए कहती रहीं, लेकिन हर कोई आकर बीपी चेक कर चला जा रहा था।
सुबह साढ़े चार बजे प्रसूता की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रीती जैन ने सदर तहसीलदार देवानंद तिवारी के साथ अस्पताल में घटी घटना जानकारी ली। परिजनों ने अंशिका के शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप भी लगाया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उनकी बेटी के शव काे जबरन उनसे ले लिया।
दोषी कर्मी होंगे बर्खास्त
प्रसूता की मौत को लेकर तीन सदस्यीय जांच टीम बना दी गई है। बृहस्पतिवार को घटना के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक समेत सात स्वास्थ्यकर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। जांच टीम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें दोषी पाए जाने वाले कर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा। - डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
