{"_id":"69a96b0d949d1062ba03ee50","slug":"cyber-criminals-in-up-digitally-arrested-bjp-mlc-for-two-and-quarter-hours-showed-him-his-uniform-video-call-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: साइबर अपराधियों ने भाजपा एमएलसी को पौने दो घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा, वीडियो कॉल कर दिखाई एटीएस की वर्दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: साइबर अपराधियों ने भाजपा एमएलसी को पौने दो घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा, वीडियो कॉल कर दिखाई एटीएस की वर्दी
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
Published by: Bhupendra Singh
Updated Thu, 05 Mar 2026 05:08 PM IST
विज्ञापन
सार
सुल्तानपुर में साइबर अपराधियों ने भाजपा एमएलसी को करीब पौने दो घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। वीडियो कॉल करके एटीएस की वर्दी दिखाई। आगे पढ़ें पूरा मामला...
भाजपा एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
यूपी के सुल्तानपुर में साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताकर भाजपा एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह को करीब पौने दो घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' रखा। इस दौरान आरोपियों ने उन पर मानसिक दबाव बनाकर ठगी करने का प्रयास किया। हालांकि, वे ठगी करने में नाकाम रहे।
Trending Videos
साइबर क्राइम थाना प्रभारी अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि 2 मार्च की दोपहर 12:22 बजे से 1:39 बजे के बीच एमएलसी के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस क्राइम ब्रांच, मुंबई का अधिकारी बताया। वीडियो कॉल के दौरान वह पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रहा था। ताकि, एमएलसी को झांसे में लिया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
बातचीत के दौरान उसने एमएलसी पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे आधार कार्ड भेजने को कहा। करीब एक घंटा 45 मिनट तक यह सिलसिला चलता रहा। जब एमएलसी के सहयोगियों ने आधार कार्ड भेजकर उसी नंबर पर दोबारा कॉल करके जानकारी लेनी चाही, तो सच्चाई सामने आ गई।
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में पता चला है कि जिस नंबर से कॉल आई थी, वह मध्य प्रदेश के सतना की एक महिला के नाम पर पंजीकृत है। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि कॉल करने वाले ने फर्जी पहचान बनाकर एमएलसी पर मानसिक दबाव डालते हुए साइबर ठगी का प्रयास किया।
साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साइबर अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
