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Sultanpur News: खाड़ी देशों में अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 11:24 PM IST
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लंभुआ। क्षेत्र के कई गांवों के लोग खाड़ी देशों में मौजूद अपनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। खाड़ी में छिड़े युद्ध युद्ध के बाद ईरान सहित अन्य देशों पर हो रहे मिसाल के हमलों से आशंकित परिजनों का सुकून छिन गया है। खाड़ी देशों में फंसे अपने लोगों की कोई खबर न मिल पाने से उन्हें न तो रात में नींद आ रही है न ही दिन में चैन मिल रहा है। सभी लोग युद्ध विराम की कामना कर रहे हैं।
जिले के तातोमुरैनी गांव के मो. असलम के भाई मो. कासिम खान (55) करीब 30 वर्ष से कुवैत में काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में कासिम एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में वाहन चालक हैं। मो. असलम बताते हैं कि रविवार की शाम को उनसे बात हुई थी। वे बिल्कुल सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मिलिट्री बेस पर हमले की जानकारी मिली थी। बाकी नागरिक क्षेत्र में सब सही सलामत है। इसके बावजूद भाई की चिंता बनी है। युद्ध विराम से ही पूरी तरह सुकून मिलेगा। आदर्शनगर लंभुआ के मुकेश कुमार मौर्य (45) करीब एक साल पहले सऊदी अरब गए थे। एक कपड़े की कंपनी में वे सिलाई का काम करते हैं। भतीजे रवि मौर्य ने बताया कि रविवार की शाम को उनसे बातचीत हुई। चाचा ने बताया कि फिलहाल तो सब कुछ ठीक बताया है।
धमाके होने पर बंद हो जाता है इंटरनेट
फोटो संख्या- 04,05
भदैंया। वैनी निवासी ब्रह्मदत्त पांडेय कतर देश मे एटाॅमिक एनर्जी प्लांट में एनर्जी इंजीनियर हैं। छोटे भाई ब्रह्मराज पांडेय ने बताया कि कतर देश के बिगड़े हालात के बीच अपने भाई से वह निरंतर संपर्क में हैं। करीब तीन साल से ब्रह्मदेव कतर में सपरिवार रहते हैं। उनकी पत्नी व बेटी भी साथ में हैं। सोमवार को बड़े भाई ने फोन से बताया कि हालात स्थिर हैं। जहां पर वह रह रहे हैं, वहां पर सभी सुरक्षित हैं।
बताया कि इस दिलासा के बाद भी भाई की चिंता बनी रहती है। पुरैना (मिश्रपुर, हनुमानगंज) निवासी बलराम वर्मा 2021 में ईरान गए थे। ईरान के यज्द प्रांत के ताफ्त एरिया में वह टाइल्स बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं। उनके पिता सत्यनारायण वर्मा ने बताया कि उन्हें पुत्र की चिंता सता रही है। उनके बेटे ने फोन पर बताया कि युद्ध के समय इंटरनेट बंद हो जाता है। हम यहां पर ठीक हैं। फोन बंद होने पर भी कोई चिंता नहीं करें, हम सुरक्षित स्थान पर हैं। (संवाद)
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जिले के तातोमुरैनी गांव के मो. असलम के भाई मो. कासिम खान (55) करीब 30 वर्ष से कुवैत में काम कर रहे हैं। मौजूदा समय में कासिम एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में वाहन चालक हैं। मो. असलम बताते हैं कि रविवार की शाम को उनसे बात हुई थी। वे बिल्कुल सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मिलिट्री बेस पर हमले की जानकारी मिली थी। बाकी नागरिक क्षेत्र में सब सही सलामत है। इसके बावजूद भाई की चिंता बनी है। युद्ध विराम से ही पूरी तरह सुकून मिलेगा। आदर्शनगर लंभुआ के मुकेश कुमार मौर्य (45) करीब एक साल पहले सऊदी अरब गए थे। एक कपड़े की कंपनी में वे सिलाई का काम करते हैं। भतीजे रवि मौर्य ने बताया कि रविवार की शाम को उनसे बातचीत हुई। चाचा ने बताया कि फिलहाल तो सब कुछ ठीक बताया है।
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धमाके होने पर बंद हो जाता है इंटरनेट
फोटो संख्या- 04,05
भदैंया। वैनी निवासी ब्रह्मदत्त पांडेय कतर देश मे एटाॅमिक एनर्जी प्लांट में एनर्जी इंजीनियर हैं। छोटे भाई ब्रह्मराज पांडेय ने बताया कि कतर देश के बिगड़े हालात के बीच अपने भाई से वह निरंतर संपर्क में हैं। करीब तीन साल से ब्रह्मदेव कतर में सपरिवार रहते हैं। उनकी पत्नी व बेटी भी साथ में हैं। सोमवार को बड़े भाई ने फोन से बताया कि हालात स्थिर हैं। जहां पर वह रह रहे हैं, वहां पर सभी सुरक्षित हैं।
बताया कि इस दिलासा के बाद भी भाई की चिंता बनी रहती है। पुरैना (मिश्रपुर, हनुमानगंज) निवासी बलराम वर्मा 2021 में ईरान गए थे। ईरान के यज्द प्रांत के ताफ्त एरिया में वह टाइल्स बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं। उनके पिता सत्यनारायण वर्मा ने बताया कि उन्हें पुत्र की चिंता सता रही है। उनके बेटे ने फोन पर बताया कि युद्ध के समय इंटरनेट बंद हो जाता है। हम यहां पर ठीक हैं। फोन बंद होने पर भी कोई चिंता नहीं करें, हम सुरक्षित स्थान पर हैं। (संवाद)
