{"_id":"6a7b6b143841ad48020cc92e","slug":"drink-boiled-water-risk-of-diarrhea-suspected-sultanpur-news-c-103-1-slp1007-162613-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पानी उबाल कर पिएं, डायरिया की जताई आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पानी उबाल कर पिएं, डायरिया की जताई आशंका
Wed, 12 Aug 2026 12:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। मानसून के मौसम में खान-पान और पानी की स्वच्छता के प्रति बरती गई लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। दूषित पानी के सेवन से मेडिकल कॉलेज में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रोजाना 30 से 40 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
फिजिशियन व सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता के अनुसार बारिश के दिनों में जलस्रोतों में गंदगी मिलने से पेयजल दूषित हो जाता है। दूषित पानी का सेवन करने से संक्रमण फैलता है, जिससे मरीज डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का शिकार हो जाता है। अस्पताल आने वाले केसों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा अधिक देखी जा रही है। इन मरीजों को डॉक्टर खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। इसमें गर्म पानी के सेवन और स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा स्वयं से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेने की हिदायत भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बारिश के सीजन में पानी को उबालकर पीना चाहिए। दूषित जल के सेवन से डायरिया होने की संभावना अधिक रहती है।
हैंडपंप का पानी बना परेशानी की वजह
अभियाकलां निवासी 32 वर्षीय कुलदीप को दो दिन से लगातार दस्त और उल्टी की शिकायत थी। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज की ओपीडी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने डायरिया की पुष्टि की। परिजन ने बताया कि घर में पीने के लिए हैंडपंप का पानी इस्तेमाल किया जा रहा था, जो बारिश के बाद मटमैला हो गया था। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।
विज्ञापन
इनसेट
सफर में जगह-जगह का पिया पानी, बिगड़ गई तबीयत
शहर के सुनील को तीन दिन से बुखार और दस्त की समस्या है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने डायरिया की पुष्टि की। परिजनों ने बताया कि चार दिन पहले गाजियाबाद गए थे। जहां कई जगह का पानी पिया। ऐसे में तबीयत बिगड़ गई है।
डॉक्टरों की सलाह
उबला पानी पीएं। पानी को कम से कम 10 से 15 मिनट तक उबालकर और ठंडा करके ही पीएं।
ताजा भोजन खाएं। बासी, खुला या कटी हुई सामग्री और स्ट्रीट फूड के सेवन से बचें।
सफाई का रखें ध्यान। खाना खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
ओआरएस का घोल लें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। दस्त या उल्टी के लक्षण दिखें तो तुरंत ओआरएस का घोल या नीबू-पानी का सेवन शुरू करें।
(सुरेंद्र वर्मा)
विज्ञापन
फिजिशियन व सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता के अनुसार बारिश के दिनों में जलस्रोतों में गंदगी मिलने से पेयजल दूषित हो जाता है। दूषित पानी का सेवन करने से संक्रमण फैलता है, जिससे मरीज डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का शिकार हो जाता है। अस्पताल आने वाले केसों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा अधिक देखी जा रही है। इन मरीजों को डॉक्टर खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। इसमें गर्म पानी के सेवन और स्वच्छता पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा स्वयं से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेने की हिदायत भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बारिश के सीजन में पानी को उबालकर पीना चाहिए। दूषित जल के सेवन से डायरिया होने की संभावना अधिक रहती है।
विज्ञापन
हैंडपंप का पानी बना परेशानी की वजह
अभियाकलां निवासी 32 वर्षीय कुलदीप को दो दिन से लगातार दस्त और उल्टी की शिकायत थी। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज की ओपीडी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने डायरिया की पुष्टि की। परिजन ने बताया कि घर में पीने के लिए हैंडपंप का पानी इस्तेमाल किया जा रहा था, जो बारिश के बाद मटमैला हो गया था। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।
विज्ञापन
इनसेट
सफर में जगह-जगह का पिया पानी, बिगड़ गई तबीयत
शहर के सुनील को तीन दिन से बुखार और दस्त की समस्या है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने डायरिया की पुष्टि की। परिजनों ने बताया कि चार दिन पहले गाजियाबाद गए थे। जहां कई जगह का पानी पिया। ऐसे में तबीयत बिगड़ गई है।
डॉक्टरों की सलाह
उबला पानी पीएं। पानी को कम से कम 10 से 15 मिनट तक उबालकर और ठंडा करके ही पीएं।
ताजा भोजन खाएं। बासी, खुला या कटी हुई सामग्री और स्ट्रीट फूड के सेवन से बचें।
सफाई का रखें ध्यान। खाना खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
ओआरएस का घोल लें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। दस्त या उल्टी के लक्षण दिखें तो तुरंत ओआरएस का घोल या नीबू-पानी का सेवन शुरू करें।
(सुरेंद्र वर्मा)