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Sultanpur News: फास्ट फूड से बच्चों में पेट व लिवर की बढ़ रहीं बीमारियां
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:26 AM IST
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सुल्तानपुर। गांव की गलियों से लेकर शहर के बाजारों तक खुले में बिक रहा फास्ट फूड बच्चों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। स्वाद और कम दाम की लालच में बच्चे मोमोज, बर्गर, नूडल्स, चाट-पकौड़े जैसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन इनमें छिपा संक्रमण उन्हें बीमार बना रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 बच्चे पेट दर्द, गैस, उल्टी-दस्त और लिवर संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप के अनुसार अधिकतर बच्चे स्ट्रीट फूड और फास्ट फूड खाने के बाद बीमार हुए हैं। खुले में बनने वाले खाद्य पदार्थ धूल-मिट्टी, मक्खियों और दूषित पानी के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम करण ने बताया कि फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाला रिफाइंड, आटा, रंग और कृत्रिम फ्लेवर बच्चों के पाचन तंत्र को कमजोर कर देते हैं। जिससे मोटापा, गैस्ट्रिक परेशानी और इम्यूनिटी की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इलाज कराने आए अनिल ने बताया कि उनकी बेटी लगातार पेट दर्द की शिकायत कर रही थी। जानकारी पर पता चला कि वह रोज पास के ठेले से फास्ट फूड खा रही थी।
अभिभावक बरतें सावधानियां
-बच्चों को खुले में बिकने वाला फास्ट फूड खाने से रोकें।
-घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खाने की आदत डालें।
- बाहर खाना खाएं तो साफ-सुथरी जगह का ही चयन करें।
-बच्चों को खाने से पहले हाथ धोने की आदत सिखाएं।
- पेट दर्द, उल्टी-दस्त या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 बच्चे पेट दर्द, गैस, उल्टी-दस्त और लिवर संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप के अनुसार अधिकतर बच्चे स्ट्रीट फूड और फास्ट फूड खाने के बाद बीमार हुए हैं। खुले में बनने वाले खाद्य पदार्थ धूल-मिट्टी, मक्खियों और दूषित पानी के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम करण ने बताया कि फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाला रिफाइंड, आटा, रंग और कृत्रिम फ्लेवर बच्चों के पाचन तंत्र को कमजोर कर देते हैं। जिससे मोटापा, गैस्ट्रिक परेशानी और इम्यूनिटी की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इलाज कराने आए अनिल ने बताया कि उनकी बेटी लगातार पेट दर्द की शिकायत कर रही थी। जानकारी पर पता चला कि वह रोज पास के ठेले से फास्ट फूड खा रही थी।
अभिभावक बरतें सावधानियां
-बच्चों को खुले में बिकने वाला फास्ट फूड खाने से रोकें।
-घर का ताजा और पौष्टिक भोजन खाने की आदत डालें।
- बाहर खाना खाएं तो साफ-सुथरी जगह का ही चयन करें।
-बच्चों को खाने से पहले हाथ धोने की आदत सिखाएं।
- पेट दर्द, उल्टी-दस्त या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
