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Sultanpur News: मनरेगा के 2,990 अधूरे कार्य बंद, 15 लाख की लगी चपत
Thu, 23 Jul 2026 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:08 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में वर्षों से अधूरे पड़े मनरेगा के 2,990 कार्यों को शासन ने बंद करने का फैसला लिया है। ग्राम पंचायतों की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य पूरे नहीं कराए जाने पर बुधवार को इन्हें निरस्त कर दिया गया। इससे विकास विभाग को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान होगा। शासन के आदेश के बाद ये सभी कार्य मनरेगा पोर्टल से हटा दिए जाएंगे।
बीजी रामजी योजना लागू होने के बाद मनरेगा पोर्टल पर नए कार्यों की स्वीकृति पहले ही बंद कर दी गई है। अब केवल एक जुलाई से पहले स्वीकृत और प्रगति पर चल रहे 11,469 कार्यों की सामग्री का भुगतान पुराने पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। मजदूरों के मस्टररोल और मजदूरी का भुगतान वीबीजी रामजी योजना के नए पोर्टल से होगा।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन 11,469 कार्यों की सामग्री का करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है। भुगतान पूरा होने के बाद मनरेगा का पुराना पोर्टल पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और सभी नए व शेष कार्य वीबीजी रामजी योजना के पोर्टल से संचालित होंगे।
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पौधों की आपूर्ति के बाद अटक गया भुगतान
बंद किए गए 2,990 कार्यों में अधिकांश पौधरोपण, चकरोड निर्माण तथा मिट्टी से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। कई मामलों में वन विभाग से पौधों की आपूर्ति के बाद भुगतान अटक गया, जबकि चकरोड और अन्य निर्माण कार्य भूमि विवादों के कारण वर्षों तक अधूरे पड़े रहे।
अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में केवल तीन से 10 प्रतिशत तक ही प्रगति हो सकी थी। ग्राम पंचायतों को कई बार विवाद सुलझाकर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
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बीजी रामजी योजना लागू होने के बाद मनरेगा पोर्टल पर नए कार्यों की स्वीकृति पहले ही बंद कर दी गई है। अब केवल एक जुलाई से पहले स्वीकृत और प्रगति पर चल रहे 11,469 कार्यों की सामग्री का भुगतान पुराने पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। मजदूरों के मस्टररोल और मजदूरी का भुगतान वीबीजी रामजी योजना के नए पोर्टल से होगा।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन 11,469 कार्यों की सामग्री का करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है। भुगतान पूरा होने के बाद मनरेगा का पुराना पोर्टल पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और सभी नए व शेष कार्य वीबीजी रामजी योजना के पोर्टल से संचालित होंगे।
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पौधों की आपूर्ति के बाद अटक गया भुगतान
बंद किए गए 2,990 कार्यों में अधिकांश पौधरोपण, चकरोड निर्माण तथा मिट्टी से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं। कई मामलों में वन विभाग से पौधों की आपूर्ति के बाद भुगतान अटक गया, जबकि चकरोड और अन्य निर्माण कार्य भूमि विवादों के कारण वर्षों तक अधूरे पड़े रहे।
अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में केवल तीन से 10 प्रतिशत तक ही प्रगति हो सकी थी। ग्राम पंचायतों को कई बार विवाद सुलझाकर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।