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Sultanpur News: बिजली कर्मी का शव पहुंचते ही भड़का आक्रोश, प्रदर्शन
Fri, 07 Aug 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:56 PM IST
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अखंडनगर के अलीपुर गांव में रोते-बिलखते परिजन। स्रोत-ग्रामीण
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अखंडनगर। शटडाउन के बावजूद हाईटेंशन लाइन में करंट आने से निविदा कर्मी जितेंद्र कुमार की मौत के मामले में शुक्रवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शाम चार बजे शव घर पहुंचते ही परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया।
शव घर के बाहर रखकर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगा दोषियों के खिलाफ एफआईआर समेत नौ मांगें रखीं। कादीपुर विधायक राजेश गौतम, एसडीएम मंजुल मयंक, तहसीलदार बृजेश यादव और सीओ विनय गौतम समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के नियमानुसार कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
अलीपुर निवासी जितेंद्र कुमार स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर निविदाकर्मी थे। परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम पिपरी पट्टी में विद्युत लाइन पर काम करने गए थे। लाइन का शटडाउन लिया गया था, लेकिन आपूर्ति चालू कर दी गई। करंट की चपेट में आने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। परिजन शव लेकर अखंडनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। ग्रामीणों के साथ अलीपुर उपकेद्र का घेराव भी किया था। इस दौरान तोड़फोड़ और कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप लगे। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
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शुक्रवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
नौ सूत्री मांगपत्र पर मिला आश्वासन
परिजनों ने अधिकारियों को नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, आश्रित को सरकारी नौकरी, पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आवासीय पट्टा समेत अन्य मांगें शामिल थीं। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद देवाढ़ घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई सुनील ने मुखाग्नि दी। सीओ कादीपुर ने बताया कि परिजनों का मांगपत्र मिला है। नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का इकलौता कमाने वाले थे जितेंद्र
जितेंद्र कुमार परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। दो भाइयों में वह बड़े थे। छोटा भाई सुनील घर पर ही रहता है। परिवार में गर्भवती पत्नी जान्हवी, छह वर्षीय इकलौता पुत्र आलोक और छोटी बहन शिवानी हैं। जितेंद्र की अचानक मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
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शव घर के बाहर रखकर एक घंटे तक प्रदर्शन किया। विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगा दोषियों के खिलाफ एफआईआर समेत नौ मांगें रखीं। कादीपुर विधायक राजेश गौतम, एसडीएम मंजुल मयंक, तहसीलदार बृजेश यादव और सीओ विनय गौतम समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के नियमानुसार कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
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अलीपुर निवासी जितेंद्र कुमार स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर निविदाकर्मी थे। परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम पिपरी पट्टी में विद्युत लाइन पर काम करने गए थे। लाइन का शटडाउन लिया गया था, लेकिन आपूर्ति चालू कर दी गई। करंट की चपेट में आने से जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। परिजन शव लेकर अखंडनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। ग्रामीणों के साथ अलीपुर उपकेद्र का घेराव भी किया था। इस दौरान तोड़फोड़ और कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप लगे। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
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शुक्रवार शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
नौ सूत्री मांगपत्र पर मिला आश्वासन
परिजनों ने अधिकारियों को नौ सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, आश्रित को सरकारी नौकरी, पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आवासीय पट्टा समेत अन्य मांगें शामिल थीं। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद देवाढ़ घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई सुनील ने मुखाग्नि दी। सीओ कादीपुर ने बताया कि परिजनों का मांगपत्र मिला है। नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार का इकलौता कमाने वाले थे जितेंद्र
जितेंद्र कुमार परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। दो भाइयों में वह बड़े थे। छोटा भाई सुनील घर पर ही रहता है। परिवार में गर्भवती पत्नी जान्हवी, छह वर्षीय इकलौता पुत्र आलोक और छोटी बहन शिवानी हैं। जितेंद्र की अचानक मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।