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Sultanpur News: बिगड़ा खानपान, जांच में मिल रहे शुगर के लक्षण
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मेडिकल कॉलेज में लगी मरीजों की भीड़।
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सुल्तानपुर। बिगड़ा खानपान और अनियमित दिनचर्या के चलते लोग डायबिटीज (शुगर) का शिकार हो रहे हैं। बुखार व अन्य दिक्कत होने पर मेडिकल कॉलेज की जा रही खून की जांच में मरीजों को खुद के डायबिटिक होने का पता चल रहा है। मेडिकल कॉलेज के लैब में 50 से 60 मरीजों की जांच में पांच से छह मरीजों में शुगर की पुष्टि हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग में इन दिनों वायरल के मरीज अधिक आ रहे हैं। मरीजों की शुगर व वीपी के अलावा अन्य जांच कराने पर डायबिटीज की पुष्टि हो रही है। शारीरिक श्रम नहीं करने वाले लोगों में खास तौर पर दिक्कत आ रही है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि शुगर (डायबिटीज) की शुरुआत मुख्य रूप से शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या उसके ठीक से काम नहीं करने के कारण होती है। रक्त में ग्लूकोज (शुगर) का स्तर बढ़ जाता है।
बताया कि खराब जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा (विशेषकर पेट की चर्बी), गलत खानपान और आनुवंशिकता इसके प्रमुख कारण हैं। लगातार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, थकान, वजन कम होना और घाव का धीरे-धीरे भरना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। नियमित जांच, कम कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार और स्वस्थ जीवनशैली के जरिये इसकी जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग में इन दिनों वायरल के मरीज अधिक आ रहे हैं। मरीजों की शुगर व वीपी के अलावा अन्य जांच कराने पर डायबिटीज की पुष्टि हो रही है। शारीरिक श्रम नहीं करने वाले लोगों में खास तौर पर दिक्कत आ रही है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि शुगर (डायबिटीज) की शुरुआत मुख्य रूप से शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या उसके ठीक से काम नहीं करने के कारण होती है। रक्त में ग्लूकोज (शुगर) का स्तर बढ़ जाता है।
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बताया कि खराब जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा (विशेषकर पेट की चर्बी), गलत खानपान और आनुवंशिकता इसके प्रमुख कारण हैं। लगातार पेशाब आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, थकान, वजन कम होना और घाव का धीरे-धीरे भरना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। नियमित जांच, कम कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार और स्वस्थ जीवनशैली के जरिये इसकी जटिलताओं से बचा जा सकता है।