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VIDEO: सुल्तानपुर जेल में बंदी ने की बैरक के अंदर आत्महत्या, प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला शव
सुल्तानपुर जेल में पत्नी की हत्या के आरोपी एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। धनपतगंज के चरथई निवासी नक्छेद का शव सोमवार रात जेल के बैरक में शौचालय के अंदर प्लास्टिक की रस्सी से लटका मिला। जेल कमांडेंट प्रांजल अरविंद ने बताया कि मृतक बंदी नक्छेद 25 मार्च से कारागार में निरुद्ध था। रात्रि करीब डेढ़ बजे शौचालय में उसका शव प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ पाया गया।
नक्छेद (45 वर्ष) को अपनी पत्नी कुसुम (42 वर्ष) की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे 25 मार्च को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। यह घटना 24 मार्च को हुई थी। नक्छेद गांव में लिंटर डालने का काम कर रहा था, जब उसने अपनी पत्नी कुसुम को फोन किया। कुसुम के फोन न उठा पाने पर नक्छेद नाराज हो गया। रात करीब 12 बजे घर लौटने पर उसने पत्नी कुसुम को पीटना शुरू कर दिया। उनके दो छोटे बच्चे, उदयभान (9 वर्ष) और दीक्षा (8 वर्ष), जब अपनी मां को बचाने आए, तो नक्छेद ने उन्हें भी धक्का दे दिया। उसने बच्चों के सामने ही कुसुम को डंडे से पीटा। गंभीर रूप से घायल कुसुम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसएचओ अंजू मिश्र ने हत्यारोपी पति नक्छेद को गिरफ्तार किया था। सीजेएम नवनीत सिंह के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी नक्छेद ने बताया कि वह भोले बाबा का भक्त है और उसने माथे पर नाग का टैटू बनवा रखा है। उसने यह भी दावा किया था कि घटना वाले दिन उसने अधिक मात्रा में भांग का सेवन किया था, जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और उसने यह कदम उठाया था।
मृतका कुसुम के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा तिलक राज (22 वर्ष) बाहर रहता है, जबकि उदयभान और दीक्षा घर पर ही थे। मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बाद इन दोनों बच्चों के सामने अब जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है और ननिहाल पक्ष से भी उन्हें कोई सहारा नहीं मिल पा रहा है।
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