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Sultanpur News: पीसीएस में होनहारों ने दिखाया दम
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:12 PM IST
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55. पंकज वर्मा। स्रोत- सोशल मीडिया
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सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) के रविवार देर रात घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के प्रतिभाशाली युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है। सीमित संसाधनों, ग्रामीण परिवेश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन युवाओं ने संघर्ष के दम पर सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।
गोसाईगंज के इसहाकपुर निवासी शिक्षक ओमप्रकाश वर्मा के बेटे पंकज वर्मा ने 22वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद के लिए चयनित होकर बड़ी उपलब्धि दर्ज की। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि निरंतर प्रयास और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। लंभुआ क्षेत्र के असवा गांव निवासी विद्यारमण त्रिपाठी के बेटे मंजू मणि त्रिपाठी ने नौकरी के साथ तैयारी करते हुए सफलता हासिल की। भारतीय नौसेना में सीपीओ (चीफ पेटी ऑफिसर) के पद पर तैनात रहते हुए उन्होंने वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर चयन पाकर युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की है।
लंभुआ के होलापुर निवासी जिलाधिकारी जालौन राजेश पांडेय की बेटी अदिति पांडेय ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद प्राप्त किया। उन्होंने असफलता से सीख लेकर अपनी रणनीति बदली और लक्ष्य हासिल किया।
गोपीनाथपुर की शिवांकी दूबे ने ग्रामीण क्षेत्र में रहकर प्राथमिक से इंटर तक की पढ़ाई पूरी की और बिना बड़े संसाधनों के 16वीं रैंक प्राप्त कर वर्क ऑफिसर पद पर चयनित हुईं। उनकी सफलता ग्रामीण छात्राओं के लिए विशेष प्रेरणा बनी है।
भदैंया ब्लॉक के मझिलेगांव निवासी उत्कर्ष गंगे ने 42वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी पद प्राप्त किया। वहीं पाल्हनपुर के गुपसांड गांव के नीरज कुमार सरोज ने एससी वर्ग में दूसरा और ओवरऑल 15वीं रैंक हासिल कर सब-रजिस्ट्रार पद पर चयनित होकर सामाजिक बाधाओं को पार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मोतिगरपुर क्षेत्र की आलापुर गांव निवासी अर्पिता मिश्रा की सफलता भी संघर्ष की मिसाल है। इंटर तक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर करने के बाद उन्होंने केएनआईटी से बीटेक किया और प्रयागराज में रहकर तीन वर्षों तक ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की। दूसरे प्रयास में वाणिज्य कर अधिकारी पद पर चयनित होकर उन्होंने यह साबित किया कि डिजिटल माध्यम भी सफलता की राह बना सकते हैं। इन सभी सफल अभ्यर्थियों की उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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लंभुआ के होलापुर निवासी जिलाधिकारी जालौन राजेश पांडेय की बेटी अदिति पांडेय ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद प्राप्त किया। उन्होंने असफलता से सीख लेकर अपनी रणनीति बदली और लक्ष्य हासिल किया।
गोपीनाथपुर की शिवांकी दूबे ने ग्रामीण क्षेत्र में रहकर प्राथमिक से इंटर तक की पढ़ाई पूरी की और बिना बड़े संसाधनों के 16वीं रैंक प्राप्त कर वर्क ऑफिसर पद पर चयनित हुईं। उनकी सफलता ग्रामीण छात्राओं के लिए विशेष प्रेरणा बनी है।
भदैंया ब्लॉक के मझिलेगांव निवासी उत्कर्ष गंगे ने 42वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी पद प्राप्त किया। वहीं पाल्हनपुर के गुपसांड गांव के नीरज कुमार सरोज ने एससी वर्ग में दूसरा और ओवरऑल 15वीं रैंक हासिल कर सब-रजिस्ट्रार पद पर चयनित होकर सामाजिक बाधाओं को पार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मोतिगरपुर क्षेत्र की आलापुर गांव निवासी अर्पिता मिश्रा की सफलता भी संघर्ष की मिसाल है। इंटर तक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर करने के बाद उन्होंने केएनआईटी से बीटेक किया और प्रयागराज में रहकर तीन वर्षों तक ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की। दूसरे प्रयास में वाणिज्य कर अधिकारी पद पर चयनित होकर उन्होंने यह साबित किया कि डिजिटल माध्यम भी सफलता की राह बना सकते हैं। इन सभी सफल अभ्यर्थियों की उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी।

55. पंकज वर्मा। स्रोत- सोशल मीडिया

55. पंकज वर्मा। स्रोत- सोशल मीडिया

55. पंकज वर्मा। स्रोत- सोशल मीडिया

55. पंकज वर्मा। स्रोत- सोशल मीडिया