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Sultanpur News: नई योजना से गांवों में सुगम परिवहन होगा बहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:43 PM IST
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सुल्तानपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खोलने की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश की ग्राम पंचायतों को 15 से 28 सीटों की क्षमता वाले वाहनों से जोड़ा जाएगा, जिससे गांवों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सुल्तानपुर जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को संचालित किया जा सकेगा। इन वाहनों की अधिकतम आयु आठ वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अनुबंध अवधि 10 वर्ष होगी, जिसे आवश्यकतानुसार पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। योजना में शामिल होने के इच्छुक आवेदकों को 2000 रुपये आवेदन शुल्क और प्रति वाहन 5000 रुपये की सुरक्षा धनराशि जमा करनी होगी, जो नियमानुसार वापस कर दी जाएगी। वाहन स्वामियों को परमिट शुल्क में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी और उन्हें निर्धारित सीमा तक किराया वसूलने का अधिकार होगा।
योजना की एक अहम विशेषता यह है कि वाहन स्वामी स्वयं मार्ग, फेरे और समय का निर्धारण कर सकेंगे, हालांकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन कम से कम दो फेरे अनिवार्य होंगे। मार्ग का अंतिम निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। इच्छुक आवेदक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में 15 दिनों में आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से न केवल ग्रामीण परिवहन में क्रांति आएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को आजीविका का एक नया साधन भी मिलेगा।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों को संचालित किया जा सकेगा। इन वाहनों की अधिकतम आयु आठ वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अनुबंध अवधि 10 वर्ष होगी, जिसे आवश्यकतानुसार पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। योजना में शामिल होने के इच्छुक आवेदकों को 2000 रुपये आवेदन शुल्क और प्रति वाहन 5000 रुपये की सुरक्षा धनराशि जमा करनी होगी, जो नियमानुसार वापस कर दी जाएगी। वाहन स्वामियों को परमिट शुल्क में शत-प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी और उन्हें निर्धारित सीमा तक किराया वसूलने का अधिकार होगा।
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योजना की एक अहम विशेषता यह है कि वाहन स्वामी स्वयं मार्ग, फेरे और समय का निर्धारण कर सकेंगे, हालांकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन कम से कम दो फेरे अनिवार्य होंगे। मार्ग का अंतिम निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। इच्छुक आवेदक सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में 15 दिनों में आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से न केवल ग्रामीण परिवहन में क्रांति आएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को आजीविका का एक नया साधन भी मिलेगा।