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Sultanpur News: गुरुजी घरों में जाकर पढ़ाई के लिए करेंगे जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:47 PM IST
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कुड़वार ब्लॉक संसाधन केंद्र पर रखी पुस्तकें। संवाद
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सुल्तानपुर। नए शैक्षिक सत्र 2026–27 की शुरुआत के साथ जिले में हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान शुरू होने जा रहा है। मंगलवार से स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे और स्कूलों में नामांकन सुनिश्चित कराएंगे।
शिक्षा विभाग ने अभियान को दो चरणों में चलाने की रणनीति बनाई है। इस दौरान अध्यापक अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे करके ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे, जो अब तक स्कूल नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके लिए शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि वे गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाएं। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 2500 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बैनर-पोस्टर, रैली और अन्य प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
पहले प्रवेश फिर लेंगे दस्तावेज
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कई बार बच्चों के पास जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उनका नामांकन नहीं हो पाता था। किसी भी बच्चे को दस्तावेजों की कमी के चलते स्कूल से वंचित नहीं रखा जाएगा। पहले प्रवेश दिया जाएगा, बाद में आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए जाएंगे।
स्कूलों में पहुंच रहीं किताबें
कुड़वार। नए शिक्षक सत्र के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्र से पुस्तकें विद्यालयों में पहुंचना शुरू हो गई हैं। प्राथमिक कक्षाओं की हिंदी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण, संस्कृत और उच्च प्राथमिक की विज्ञान, कृषि, गृह शिल्प, हिंदी, सामाजिक विषय की आईं पाठ्य पुस्तकें विद्यालयों में पहुंचाई जा रही हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने बताया कि नए शिक्षा सत्र में बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकों के आधार पर शिक्षा दी जाएगी। संवाद
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शिक्षा विभाग ने अभियान को दो चरणों में चलाने की रणनीति बनाई है। इस दौरान अध्यापक अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे करके ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे, जो अब तक स्कूल नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके लिए शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है कि वे गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाएं। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 2500 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बैनर-पोस्टर, रैली और अन्य प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
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पहले प्रवेश फिर लेंगे दस्तावेज
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि कई बार बच्चों के पास जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उनका नामांकन नहीं हो पाता था। किसी भी बच्चे को दस्तावेजों की कमी के चलते स्कूल से वंचित नहीं रखा जाएगा। पहले प्रवेश दिया जाएगा, बाद में आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए जाएंगे।
स्कूलों में पहुंच रहीं किताबें
कुड़वार। नए शिक्षक सत्र के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्र से पुस्तकें विद्यालयों में पहुंचना शुरू हो गई हैं। प्राथमिक कक्षाओं की हिंदी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण, संस्कृत और उच्च प्राथमिक की विज्ञान, कृषि, गृह शिल्प, हिंदी, सामाजिक विषय की आईं पाठ्य पुस्तकें विद्यालयों में पहुंचाई जा रही हैं। खंड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह ने बताया कि नए शिक्षा सत्र में बच्चों को नई पाठ्य पुस्तकों के आधार पर शिक्षा दी जाएगी। संवाद