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Sultanpur News: प्लास्टिक मुक्त होंगे गांव, तीन गांवों को मिले 48 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:36 PM IST
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कादीपुर के मझगवां में बनाई जा रही प्लास्टिक कचरा निस्तारण इकाई। स्रोत- विभा
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सुल्तानपुर। गांवों में इधर-उधर फैले प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए पंचायती राज विभाग ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इससे न केवल पर्यावरण स्वच्छ होगा, बल्कि कचरे के प्रबंधन से ग्राम पंचायतों की आमदनी भी बढ़ेगी। इस परियोजना के लिए निदेशालय ने जिले के तीन गांवों को 48 लाख रुपये आवंटित किए हैं।
पंचायती राज विभाग ने कादीपुर के मझगवां, जयसिंहपुर के डोमापारा और दूबेपुर के बहलोलपुर ग्राम पंचायत का प्रस्ताव भेजा था, जिसे निदेशालय ने स्वीकृति दे दी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत को 16-16 लाख रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे वहां प्लास्टिक कचरा निस्तारण इकाई की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है।
इकाई स्थापित होने के बाद ग्रामीणों को प्लास्टिक कचरा और बोतलें एकत्र करने के लिए जागरूक किया जाएगा। सफाई कर्मी इस कचरे को इकाई तक पहुंचाएंगे, जहां मशीन द्वारा प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाएंगे। इनको कंपनियों को बेचा जाएगा और उससे होने वाली आय सीधे ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी। इससे गांवों को आय का एक नया और अतिरिक्त स्रोत मिलेगा।
प्लास्टिक कचरे की बिक्री कर पंचायतें करा सकेंगी कार्य
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि प्लास्टिक कचरे की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायतें विकास कार्यों में कर सकेंगी। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर शासन स्तर से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस मुहिम की सफलता के लिए ग्रामीणों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
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पंचायती राज विभाग ने कादीपुर के मझगवां, जयसिंहपुर के डोमापारा और दूबेपुर के बहलोलपुर ग्राम पंचायत का प्रस्ताव भेजा था, जिसे निदेशालय ने स्वीकृति दे दी है। प्रत्येक ग्राम पंचायत को 16-16 लाख रुपये की धनराशि दी गई है, जिससे वहां प्लास्टिक कचरा निस्तारण इकाई की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है।
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इकाई स्थापित होने के बाद ग्रामीणों को प्लास्टिक कचरा और बोतलें एकत्र करने के लिए जागरूक किया जाएगा। सफाई कर्मी इस कचरे को इकाई तक पहुंचाएंगे, जहां मशीन द्वारा प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाएंगे। इनको कंपनियों को बेचा जाएगा और उससे होने वाली आय सीधे ग्राम पंचायत के खाते में जमा होगी। इससे गांवों को आय का एक नया और अतिरिक्त स्रोत मिलेगा।
प्लास्टिक कचरे की बिक्री कर पंचायतें करा सकेंगी कार्य
जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने बताया कि प्लास्टिक कचरे की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायतें विकास कार्यों में कर सकेंगी। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर शासन स्तर से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस मुहिम की सफलता के लिए ग्रामीणों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।