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Sultanpur News: बीज-कीटनाशक बेचेंगी समूह की महिलाएं
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सुल्तानपुर। जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाएं अब केवल बचत और लघु उद्यमों तक सीमित नहीं रहेंगी। उन्हें बीज, कीटनाशक, उर्वरक समेत कृषि उपयोगी सामग्री के कारोबार से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत इच्छुक महिलाओं के महिला किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित कर पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे वे अधिकृत रूप से कृषि सामानों की बिक्री कर सकेंगी।
राज्य मिशन निदेशालय के निर्देश पर जिले में समूहों की महिलाओं को योजना की जानकारी दी जा रही है। महिला किसानों और समूह की सदस्यों को संगठित कर एफपीओ का गठन कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद इन संगठनों को कृषि क्षेत्र में व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा।
जिला उपायुक्त एनआरएलएम केडी गोस्वामी ने बताया कि जिले में पहले से आठ किसान उत्पादक संगठन कार्यरत हैं। अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। महिला एफपीओ को कारोबार शुरू करने, प्रशिक्षण, विपणन और विभागीय योजनाओं से जोड़ने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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एफपीओ में यह होगी सुविधा
किसान एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का संगठित समूह।
पंजीकरण के बाद कृषि उत्पाद और कृषि सामानों का व्यवसाय कर सकता है।
बीज, उर्वरक, कीटनाशक समेत अन्य कृषि सामग्री की बिक्री की सुविधा।
प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग मिलेगा।
ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल।
राज्य मिशन निदेशालय के निर्देश पर जिले में समूहों की महिलाओं को योजना की जानकारी दी जा रही है। महिला किसानों और समूह की सदस्यों को संगठित कर एफपीओ का गठन कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद इन संगठनों को कृषि क्षेत्र में व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा।
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जिला उपायुक्त एनआरएलएम केडी गोस्वामी ने बताया कि जिले में पहले से आठ किसान उत्पादक संगठन कार्यरत हैं। अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। महिला एफपीओ को कारोबार शुरू करने, प्रशिक्षण, विपणन और विभागीय योजनाओं से जोड़ने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एफपीओ में यह होगी सुविधा
किसान एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का संगठित समूह।
पंजीकरण के बाद कृषि उत्पाद और कृषि सामानों का व्यवसाय कर सकता है।
बीज, उर्वरक, कीटनाशक समेत अन्य कृषि सामग्री की बिक्री की सुविधा।
प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग मिलेगा।
ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल।