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Sultanpur News: महिलाएं उगाएंगी चारा, आश्रय स्थलों को करेंगी आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:40 PM IST
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सुल्तानपुर। गोवंश आश्रय स्थलों की जरूरत और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हरा चारा उगाकर नजदीकी आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराएंगी और इसके बदले उन्हें भुगतान मिलेगा। इससे महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ उनकी कृषि भूमि का बेहतर व्यावसायिक उपयोग भी संभव होगा।
राज्य निदेशालय के निर्देश पर चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को ऐसे समूहों की पहचान करने को कहा गया है, जो चारा उत्पादन में रुचि रखते हों। चयनित महिलाएं अपने खेतों में हरा चारा उगाकर उसकी कटाई करेंगी, और साइलेज (पशुओं के लिए पौष्टिक आहार) तैयार कर आश्रय स्थलों को आपूर्ति करेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त केडी गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल चयन प्रक्रिया जारी है और सूची तैयार की जा रही है। चयन के बाद पशुपालन विभाग की ओर से चारे की दर तय की जाएगी, जिसके आधार पर उत्पादन और आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।
चयन के बाद तय होगा चारे का रेट
महिलाओं के चयन के बाद पशुपालन विभाग चारे की कीमत निर्धारित करेगा। तय दर पर ही हरा और साइलेज चारा आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी पारदर्शी रहेगी और महिलाओं को नियमित आय मिल सकेगी।
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राज्य निदेशालय के निर्देश पर चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को ऐसे समूहों की पहचान करने को कहा गया है, जो चारा उत्पादन में रुचि रखते हों। चयनित महिलाएं अपने खेतों में हरा चारा उगाकर उसकी कटाई करेंगी, और साइलेज (पशुओं के लिए पौष्टिक आहार) तैयार कर आश्रय स्थलों को आपूर्ति करेंगी।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त केडी गोस्वामी ने बताया कि फिलहाल चयन प्रक्रिया जारी है और सूची तैयार की जा रही है। चयन के बाद पशुपालन विभाग की ओर से चारे की दर तय की जाएगी, जिसके आधार पर उत्पादन और आपूर्ति शुरू कराई जाएगी।
चयन के बाद तय होगा चारे का रेट
महिलाओं के चयन के बाद पशुपालन विभाग चारे की कीमत निर्धारित करेगा। तय दर पर ही हरा और साइलेज चारा आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी पारदर्शी रहेगी और महिलाओं को नियमित आय मिल सकेगी।
