{"_id":"6962992cd4fccb91b1076c77","slug":"x-ray-of-tb-patients-will-be-done-at-home-relief-for-patients-sultanpur-news-c-103-1-slp1007-147880-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: घर पर होगा टीबी मरीजों का एक्सरे, मरीजों को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: घर पर होगा टीबी मरीजों का एक्सरे, मरीजों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
टीबी अस्पताल में इंस्टॉल पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन। स्रोत- स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
सुल्तानपुर। एक्सरे के लिए टीबी मरीजों को अस्पताल नहीं आना पड़ेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने जिले में पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन भेजी है। क्षय रोग कार्यालय पर मशीन से संबंधित साफ्टवेयर को स्टॉल भी कर दिया गया है। मशीन की मदद से स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर टीबी की जांच करेंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि मशीन से पांच मिनट में एक्सरे किया जा सकेगा। साथ ही इसमें रेडिएशन की मात्रा बेहद कम होती है। उन्होंने बताया कि यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस है, जो एक्सरे रिपोर्ट का विश्लेषण कर सटीक और त्वरित परिणाम देती है। इससे टीबी की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव हो सकेगी। जिले में इस समय करीब 1500 टीबी के मरीज सक्रिय हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में यह मशीन मिली थी। इसको चलाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण पांच स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया है। अब शिविरों के माध्यम से जांच की जाएगी। इसमें प्राथमिकता उन जगहों को दी जाएगी, जहां अधिक टीबी के मरीजों के मिलने की उम्मीद है।
ये है मशीन की विशेषता
ये एक्स-रे डिवाइस छोटी, पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाली होती हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से टीबी का संक्रमण तुरंत पहचाना जा सकता है। मशीनें क्लाउड स्टोरेज और टेली-रेडियोलॉजी की सुविधा देती हैं जिससे डॉक्टर कहीं से भी रिपोर्ट देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मशीन स्वास्थ्य शिविरों तक ले जाया जा सकता है।
Trending Videos
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि मशीन से पांच मिनट में एक्सरे किया जा सकेगा। साथ ही इसमें रेडिएशन की मात्रा बेहद कम होती है। उन्होंने बताया कि यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस है, जो एक्सरे रिपोर्ट का विश्लेषण कर सटीक और त्वरित परिणाम देती है। इससे टीबी की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव हो सकेगी। जिले में इस समय करीब 1500 टीबी के मरीज सक्रिय हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह में यह मशीन मिली थी। इसको चलाने के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण पांच स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया है। अब शिविरों के माध्यम से जांच की जाएगी। इसमें प्राथमिकता उन जगहों को दी जाएगी, जहां अधिक टीबी के मरीजों के मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये है मशीन की विशेषता
ये एक्स-रे डिवाइस छोटी, पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाली होती हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से टीबी का संक्रमण तुरंत पहचाना जा सकता है। मशीनें क्लाउड स्टोरेज और टेली-रेडियोलॉजी की सुविधा देती हैं जिससे डॉक्टर कहीं से भी रिपोर्ट देख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मशीन स्वास्थ्य शिविरों तक ले जाया जा सकता है।