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Unnao News: युवती से दुष्कर्म, गर्भपात के बाद हत्यारोपी के खिलाफ बी वारंट
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फोटो-20-आरोपी देवकांत उत्तम।
- फोटो : बहराइच के नाजिरपुरा में लगाया जा रहा बिजली ट्रांसफार्मर।
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उन्नाव। युवती से दुष्कर्म, गर्भपात और पुलिस से शिकायत के बाद उसके बयान दर्ज कराने से पहले ही हत्या कर देने की घटना में मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम से पूछताछ के लिए न्यायालय ने वारंट-बी जारी कर दिया है। सीएमएम कोर्ट कानपुर से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी।
पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो अब तक जांच के दायरे से बाहर हैं। मामले की विवेचना कर रहे एसआई अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में आरोपी से पूछताछ की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए वारंट-बी जारी कर दिया। सदर कोतवाली पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां कानपुर भेज दी हैं। अब सीएमएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। आदेश मिलते ही पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर पूछताछ करेगी।
दुष्कर्म के बाद हत्या तक पहुंचा मामला
मूलरूप से सफीपुर क्षेत्र की रहने वाली युवती कानपुर के बर्रा क्षेत्र में परिवार के साथ रहकर पुलिस व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। युवती का परिचित के माध्यम से उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर मोहल्ला स्थित उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम से संपर्क हुआ था। आरोप है कि देवकांत ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। युवती के गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात भी कराया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे। इन्हीं के आधार पर वह लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। युवती के शिकायत करने पर आरोपी ने भतीजे एंबुलेंस चालक और सिक्योरिटी गार्ड अजीत के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। कानपुर बर्रा पुलिस तीनों को जेल भेज चुकी है।
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अब पुलिस के निशाने पर अस्पताल
सदर कोतवाली पुलिस का मानना है कि ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के दौरान मामले की सबसे अहम कड़ी सामने आ सकती है। जांच का विशेष फोकस उस अस्पताल पर रहेगा जहां युवती का गर्भपात कराया गया था। पुलिस पता लगाएगी कि गर्भपात किन परिस्थितियों में और किस अस्पताल में कराया गया। उसमें किन लोगों की भूमिका रही और क्या पूरे प्रकरण को छिपाने के लिए किसी स्तर पर दबाव या साजिश रची गई थी। इसके अलावा युवती के कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो की बरामदगी के भी प्रयास करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान जुटाए जाने वाले डिजिटल साक्ष्य, अस्पताल से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी रिपोर्ट और आरोपी के बयान मुकदमे में मजबूत आधार बनेंगे। जांच के बाद जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
देवकांत के जेल जाने से जमीन कारोबार के साझेदारों में बेचैनी
मुख्य आरोपी ने शहर के शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल का संचालन करने के साथ ही जमीन के कारोबार में भी खूब कमाई की। उसके जेल जाने के बाद अब पार्टनरों में खलबली मच गई है। अस्पताल संचालन के साथ देवकांत उत्तम ने धीरे-धीरे जमीन के कारोबार में कई लोगों के साथ मिलकर शुक्लागंज सहित जिले में हाईवे, एक्सप्रेसवे के आसपास जमीनों की खरीद-फरोख्त शुरू की। कमाई बढ़ी तो उसने कुछ और लोगों को अपने साथ मिलाकर जमीन के कारोबार को बढ़ाया तो कुछ में रुपया लगाया। साथ काम करने वाले एक जमीन कारोबारी ने बताया कि उसकी मोटी रकम फंसी है। अगर जमीनों की खरीद-फरोख्त रुक गई तो वह बर्बाद हो जाएगा। बताया कि जेल में मुलाकात करके किसी तरह पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर कारोबार को बचाने की कोशिश करेंगे।
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पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो अब तक जांच के दायरे से बाहर हैं। मामले की विवेचना कर रहे एसआई अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में आरोपी से पूछताछ की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए वारंट-बी जारी कर दिया। सदर कोतवाली पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां कानपुर भेज दी हैं। अब सीएमएम कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। आदेश मिलते ही पुलिस आरोपी को उन्नाव लाकर पूछताछ करेगी।
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दुष्कर्म के बाद हत्या तक पहुंचा मामला
मूलरूप से सफीपुर क्षेत्र की रहने वाली युवती कानपुर के बर्रा क्षेत्र में परिवार के साथ रहकर पुलिस व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। युवती का परिचित के माध्यम से उन्नाव सदर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर मोहल्ला स्थित उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम से संपर्क हुआ था। आरोप है कि देवकांत ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। युवती के गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात भी कराया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से युवती के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए थे। इन्हीं के आधार पर वह लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करता रहा। युवती के शिकायत करने पर आरोपी ने भतीजे एंबुलेंस चालक और सिक्योरिटी गार्ड अजीत के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। कानपुर बर्रा पुलिस तीनों को जेल भेज चुकी है।
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अब पुलिस के निशाने पर अस्पताल
सदर कोतवाली पुलिस का मानना है कि ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के दौरान मामले की सबसे अहम कड़ी सामने आ सकती है। जांच का विशेष फोकस उस अस्पताल पर रहेगा जहां युवती का गर्भपात कराया गया था। पुलिस पता लगाएगी कि गर्भपात किन परिस्थितियों में और किस अस्पताल में कराया गया। उसमें किन लोगों की भूमिका रही और क्या पूरे प्रकरण को छिपाने के लिए किसी स्तर पर दबाव या साजिश रची गई थी। इसके अलावा युवती के कथित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो की बरामदगी के भी प्रयास करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान जुटाए जाने वाले डिजिटल साक्ष्य, अस्पताल से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी रिपोर्ट और आरोपी के बयान मुकदमे में मजबूत आधार बनेंगे। जांच के बाद जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
देवकांत के जेल जाने से जमीन कारोबार के साझेदारों में बेचैनी
मुख्य आरोपी ने शहर के शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल का संचालन करने के साथ ही जमीन के कारोबार में भी खूब कमाई की। उसके जेल जाने के बाद अब पार्टनरों में खलबली मच गई है। अस्पताल संचालन के साथ देवकांत उत्तम ने धीरे-धीरे जमीन के कारोबार में कई लोगों के साथ मिलकर शुक्लागंज सहित जिले में हाईवे, एक्सप्रेसवे के आसपास जमीनों की खरीद-फरोख्त शुरू की। कमाई बढ़ी तो उसने कुछ और लोगों को अपने साथ मिलाकर जमीन के कारोबार को बढ़ाया तो कुछ में रुपया लगाया। साथ काम करने वाले एक जमीन कारोबारी ने बताया कि उसकी मोटी रकम फंसी है। अगर जमीनों की खरीद-फरोख्त रुक गई तो वह बर्बाद हो जाएगा। बताया कि जेल में मुलाकात करके किसी तरह पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर कारोबार को बचाने की कोशिश करेंगे।