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Unnao News: तरक्की के लिए एकजुटता जरूरी- कल्बे जव्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 25 May 2026 12:29 AM IST
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सफीपुर। मजबूती के साथ डटे रहने का सबसे अच्छा तरीका है एकता। इसका ताजा उदाहरण है ईरान। वहां सरकार और जनता ने एकजुट होकर बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी है। यह बातें क्षेत्र के जमाल नगर में आयोजित मजलिस में मौलाना कल्बे जव्वाद ने कही।
जमालनगर स्थित अंजुमन अब्बासिया के साहब ए बयाज शबीह अहमद की दरगाह में आयोजित मजलिस में लखनऊ से आए मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि परिवार के लोग एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। यह हर सदस्य के लिए बड़ी कमजोरी की वजह बनती है। तरक्की के लिए परिवार के साथ ही समाज की एकजुटता भी जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामनाई सहित उच्च पदों पर मौजूद अधिकारियों की मौत हुई तो पूरी दुनिया ने मान लिया था कि ईरान की शिकस्त करीब है। लेकिन वहां का शासन, फौज व आम नागरिकों के बीच एकजुटता ने ही अमेरिका व इजराइल जैसे देशों पर भारी होकर दिखाया। दिल्ली से आए मौलाना कमर सुल्तान ने कहा कि अपने बच्चों को धार्मिक व सामाजिक शिक्षा जरूर दो अगर समाज शिक्षित होगा तो अच्छे-बुरे की समझ होगी। उन्होंने कहा कि कुरान पढ़ना काफी नहीं है। कुरान पढ़कर उसको समझना और दुनिया को समझाना सही ईमान है।
मौलाना के अलावा मशहूर शायर जाहिद कानपुरी, असद नसीराबाद, अख्तर सिरसिवी, फाजिल जरेलवी, रियाजुद्दीन ने अपने कलामों से कर्बला की शहादत को बयान किया। आयोजक फरीद अहमद, शीबू अहमद ने आए मेहमानों का आभार जताया।
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जमालनगर स्थित अंजुमन अब्बासिया के साहब ए बयाज शबीह अहमद की दरगाह में आयोजित मजलिस में लखनऊ से आए मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि परिवार के लोग एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। यह हर सदस्य के लिए बड़ी कमजोरी की वजह बनती है। तरक्की के लिए परिवार के साथ ही समाज की एकजुटता भी जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामनाई सहित उच्च पदों पर मौजूद अधिकारियों की मौत हुई तो पूरी दुनिया ने मान लिया था कि ईरान की शिकस्त करीब है। लेकिन वहां का शासन, फौज व आम नागरिकों के बीच एकजुटता ने ही अमेरिका व इजराइल जैसे देशों पर भारी होकर दिखाया। दिल्ली से आए मौलाना कमर सुल्तान ने कहा कि अपने बच्चों को धार्मिक व सामाजिक शिक्षा जरूर दो अगर समाज शिक्षित होगा तो अच्छे-बुरे की समझ होगी। उन्होंने कहा कि कुरान पढ़ना काफी नहीं है। कुरान पढ़कर उसको समझना और दुनिया को समझाना सही ईमान है।
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मौलाना के अलावा मशहूर शायर जाहिद कानपुरी, असद नसीराबाद, अख्तर सिरसिवी, फाजिल जरेलवी, रियाजुद्दीन ने अपने कलामों से कर्बला की शहादत को बयान किया। आयोजक फरीद अहमद, शीबू अहमद ने आए मेहमानों का आभार जताया।