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Unnao News: हॉस्टल में रहकर छात्राएं कर सकेंगी 12 तक पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 25 May 2026 12:26 AM IST
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उन्नाव/सफीपुर। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में कक्षा आठ के बाद ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को अब आगे की पढ़ाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिले के 13 कस्तूरबा स्कूलों में से नौ में हॉस्टल बनकर तैयार हो गए हैं। एक हॉस्टल में 100 बालिकाएं रहकर नजदीकी जीजीआईसी में इंटर तक की पढ़ाई कर सकेंगी। छात्राओं के रहने-खाने और प्रतिदिन कॉलेज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वार्डन की होगी।
जिले के 13 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा छह से आठ तक की 1300 छात्राओं की पढ़ाई के साथ रहना, खाना मुफ्त होता है। कस्तूरबा स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई के बाद तमाम छात्राओं की आगे की पढ़ाई बाधित हो जाती थी। इसमें घर से इंटरकॉलेज की दूरी सबसे बड़ी वजह बनती थी। अब शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 13 कस्तूरबा स्कूलों में हॉस्टल बनवाए गए हैं। इसमें हिलौली, असोहा, बांगरमऊ, मियागंज, औरास, सिकंदरपुर सरोसी, पुरवा, सफीपुर और फतेहपुर चौरासी ब्लॉकों के कस्तूरबा गांधी स्कूलों में हॉस्टल बनकर तैयार हो गए हैं। यहां छात्राओं के प्रवेश भी लिए जाने लगे हैं। वहीं बिछिया, हसनगंज, गंजमुराबाद और नवाबगंज ब्लॉक में अंतिम चरण में हैं। इन हॉस्टल में कक्षा नौ से 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने के लिए छात्राओं को रुकने की व्यवस्था है।
जीजीआईसी सफीपुर की प्रधानाचार्या रचना निगम ने बताया कि बालिका शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव दिख रहा है। हॉस्टल का संचालन होने से 10-15 किलोमीटर दूर से आने वाली छात्राओं को अब लाभ मिलेगा। कई छात्राओं की पढ़ने की रुचि होने के बाद भी वह स्कूल दूर होने से पढ़ाई छोड़ देती थीं। अब हॉस्टल की सुविधा होने से छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बुलाकर इसकी जानकारी दी जा रही है।
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जिले के 13 ब्लॉकों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा छह से आठ तक की 1300 छात्राओं की पढ़ाई के साथ रहना, खाना मुफ्त होता है। कस्तूरबा स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई के बाद तमाम छात्राओं की आगे की पढ़ाई बाधित हो जाती थी। इसमें घर से इंटरकॉलेज की दूरी सबसे बड़ी वजह बनती थी। अब शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 13 कस्तूरबा स्कूलों में हॉस्टल बनवाए गए हैं। इसमें हिलौली, असोहा, बांगरमऊ, मियागंज, औरास, सिकंदरपुर सरोसी, पुरवा, सफीपुर और फतेहपुर चौरासी ब्लॉकों के कस्तूरबा गांधी स्कूलों में हॉस्टल बनकर तैयार हो गए हैं। यहां छात्राओं के प्रवेश भी लिए जाने लगे हैं। वहीं बिछिया, हसनगंज, गंजमुराबाद और नवाबगंज ब्लॉक में अंतिम चरण में हैं। इन हॉस्टल में कक्षा नौ से 12वीं तक पढ़ाई पूरी करने के लिए छात्राओं को रुकने की व्यवस्था है।
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जीजीआईसी सफीपुर की प्रधानाचार्या रचना निगम ने बताया कि बालिका शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव दिख रहा है। हॉस्टल का संचालन होने से 10-15 किलोमीटर दूर से आने वाली छात्राओं को अब लाभ मिलेगा। कई छात्राओं की पढ़ने की रुचि होने के बाद भी वह स्कूल दूर होने से पढ़ाई छोड़ देती थीं। अब हॉस्टल की सुविधा होने से छात्राओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बुलाकर इसकी जानकारी दी जा रही है।