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Unnao News: ट्रेन हादसे में मां व भाई को खोया गंवाए हाथ पर नहीं टूटा हौसला
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 25 May 2026 12:23 AM IST
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फोटो-2-पैर की अंगुलियों में ब्रश से पेंटिंग बनातीं शीला। स्रोत: स्वयं।
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हसनगंज। ब्लॉक कमालपुर के कला केंद्र की संचालिका शीला शर्मा की कामयाबी दूसरों के लिए मिसाल से कम नहीं है। ट्रेन हादसे में मां भाई को खोने और खुद दोनों हाथों से दिव्यांग शीला पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पैरों से पेंटिंग कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। लखनऊ के आर्ट्स कॉलेज से आर्ट एंड क्राफ्ट की पढ़ाई की, जहां से उनके भीतर कला के प्रति जुनून और मजबूत हुआ। फिर कठिनाइयों को उन्होंने अपनी ताकत बनाया और रंगों के जरिए अपनी अलग पहचान स्थापित की। आज वह एक कुशल फुट पेंटर के रूप में जानी जाती हैं।
मूलरूप से लखनऊ के अलीगंज निवासी शीला शर्मा की उम्र जब चार साल की थी, तो एक ट्रेन हादसे ने उनको ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस आज भी उनको परेशान करती है। रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर मां ज्योति व भाई चंद्रशेखर की मौत हो गई थी। वहीं शीला के दोनों हाथ व दाहिनी पैर की अंगुलियां कट गई थीं। लेकिन शीला ने हार नहीं मानी। उन्होंने पेंटिंग बनाने का प्रयास शुरू किया। शीला ने बाएं पैर की अंगुलियों और आवश्यकता होने पर मुंह में ब्रश दबाकर पेंटिंग बनाना सीखा।
शीला शर्मा बताती हैं कि जब लोग उन्हें पैरों से पेंटिंग करते देखते हैं तो उनका हौसला बढ़ाते हैं। उनका खुद का कला प्रशिक्षण केंद्र खोलने का सपना था, जिसके लिए प्रदेश सरकार से सहयोग मिला। अब केंद्र बनकर तैयार हो गया है। आज इसका शुभारंभ है।
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मूलरूप से लखनऊ के अलीगंज निवासी शीला शर्मा की उम्र जब चार साल की थी, तो एक ट्रेन हादसे ने उनको ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस आज भी उनको परेशान करती है। रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर मां ज्योति व भाई चंद्रशेखर की मौत हो गई थी। वहीं शीला के दोनों हाथ व दाहिनी पैर की अंगुलियां कट गई थीं। लेकिन शीला ने हार नहीं मानी। उन्होंने पेंटिंग बनाने का प्रयास शुरू किया। शीला ने बाएं पैर की अंगुलियों और आवश्यकता होने पर मुंह में ब्रश दबाकर पेंटिंग बनाना सीखा।
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शीला शर्मा बताती हैं कि जब लोग उन्हें पैरों से पेंटिंग करते देखते हैं तो उनका हौसला बढ़ाते हैं। उनका खुद का कला प्रशिक्षण केंद्र खोलने का सपना था, जिसके लिए प्रदेश सरकार से सहयोग मिला। अब केंद्र बनकर तैयार हो गया है। आज इसका शुभारंभ है।

फोटो-2-पैर की अंगुलियों में ब्रश से पेंटिंग बनातीं शीला। स्रोत: स्वयं।