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Unnao News: खिचड़ी-मट्ठा खाने के बाद एक ही परिवार के नौ लोग बीमार
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उन्नाव। दही थानाक्षेत्र के नंदौली गांव में खिचड़ी और मट्ठा खाने के कुछ देर बाद एक ही परिवार के नौ लोग फूड प्वाॅइजनिंग का शिकार हो गए। उल्टी, दस्त के साथ बेहोशी आने पर सभी को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टर ने मट्ठे में छिपकली गिरने या फिर किसी नशीली दवा के घुलने का अंदेशा जताया है। हालांकि परिजन का कहना है कि उन्होंने बचा मट्ठा और खिचड़ी फेंकी लेकिन उसमें छिपकली जैसा कुछ नहीं मिला।
नंदौली गांव निवासी रामगोपाल ने बताया कि शुक्रवार रात भाई राजपाल (55) के घर में खिचड़ी बनी थी। खिचड़ी के साथ घर में मौजूद लोगों ने मट्ठा भी खाया था। खाना खाने के करीब चार घंटे बाद रात 12 बजे राजपाल के साथ उनकी पत्नी रानी (50), बेटी सोनम (20), शानू (22), भतीजा जय (27) पुत्र प्रमोद, उसका भाई दीप (13), मां आरती (42), बहन दीपाली (9) और रिश्तेदारी रावेंद्र (39) को दस्त-उल्टी शुरू हो गई। रात में ही सभी को अस्पताल लाया गया।
डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करने के बाद कुछ देर सभी को अस्पताल में रोका। हालत में सुधार देख सभी को घर भेज दिया। घर आने के बाद कुछ समय तक तो सभी सही रहे लेकिन शनिवार देर शाम फिर सभी की हालत बिगड़ी और बेहोशी से छाने लगी।
इस पर सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. अभिषेक विश्वकर्मा ने बताया कि सभी फूड प्वाॅइजनिंग का शिकार हुए हैं। मट्ठे में किसी नशीली चीज के पड़ने की आशंका है। हालांकि सभी खतरे से बाहर हैं।
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डॉक्टर ने मट्ठे में छिपकली गिरने या फिर किसी नशीली दवा के घुलने का अंदेशा जताया है। हालांकि परिजन का कहना है कि उन्होंने बचा मट्ठा और खिचड़ी फेंकी लेकिन उसमें छिपकली जैसा कुछ नहीं मिला।
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नंदौली गांव निवासी रामगोपाल ने बताया कि शुक्रवार रात भाई राजपाल (55) के घर में खिचड़ी बनी थी। खिचड़ी के साथ घर में मौजूद लोगों ने मट्ठा भी खाया था। खाना खाने के करीब चार घंटे बाद रात 12 बजे राजपाल के साथ उनकी पत्नी रानी (50), बेटी सोनम (20), शानू (22), भतीजा जय (27) पुत्र प्रमोद, उसका भाई दीप (13), मां आरती (42), बहन दीपाली (9) और रिश्तेदारी रावेंद्र (39) को दस्त-उल्टी शुरू हो गई। रात में ही सभी को अस्पताल लाया गया।
डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करने के बाद कुछ देर सभी को अस्पताल में रोका। हालत में सुधार देख सभी को घर भेज दिया। घर आने के बाद कुछ समय तक तो सभी सही रहे लेकिन शनिवार देर शाम फिर सभी की हालत बिगड़ी और बेहोशी से छाने लगी।
इस पर सभी को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया है। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. अभिषेक विश्वकर्मा ने बताया कि सभी फूड प्वाॅइजनिंग का शिकार हुए हैं। मट्ठे में किसी नशीली चीज के पड़ने की आशंका है। हालांकि सभी खतरे से बाहर हैं।
