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Unnao News: ओडीओसी में चयनित खाद्य पदार्थों के लिए बाजार की तलाश शुरू
Mon, 25 May 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 25 May 2026 12:10 AM IST
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उन्नाव। एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) में चयनित जिले के चार खाद्य पदार्थों को आगे ले जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। पहले चरण में व्यंजन बनाने व बिक्री करने वाले कारोबारियों से संपर्क किया जा रहा है। इसके बाद ब्रांडिंग आदि की कार्रवाई की जाएगी।
जिले से काला जामुन, समोसा, कुशली व त्रिलोकपरी को एक जिला एक व्यंजन में शामिल किया गया है। काला जामुन जहां चकलवंशी का प्रसिद्ध है। वहीं समोसा शहर के कचौड़ी गली, कुशली बीघापुर व पुरवा की त्रिलोकपुरी की काफी मांग है। शासन द्वारा इनको व्यंजन में चयनित किए जाने के बाद उद्योग केंद्र ने आगे की कवायद शुरू कर दी है। सबसे पहले संबंधित कारोबारियों से संपर्क शुरू किया जा रहा है। कारोबारियों से खाद्य पदार्थों की बिक्री के बाजार सहित अन्य की जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद वैश्विक पहचान दिलाने के लिए किए जाने वाले कार्यों में ब्रांडिंग, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्रमाणपत्र, कारोबारियों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकिंग का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त मो. सउद ने बताया कि व्यंजन चयन का शासनादेश मिल गया है। पहली प्राथमिकता इन व्यंजनों का काम करने वाले कारोबारियों से संपर्क करने की है।
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जिले से काला जामुन, समोसा, कुशली व त्रिलोकपरी को एक जिला एक व्यंजन में शामिल किया गया है। काला जामुन जहां चकलवंशी का प्रसिद्ध है। वहीं समोसा शहर के कचौड़ी गली, कुशली बीघापुर व पुरवा की त्रिलोकपुरी की काफी मांग है। शासन द्वारा इनको व्यंजन में चयनित किए जाने के बाद उद्योग केंद्र ने आगे की कवायद शुरू कर दी है। सबसे पहले संबंधित कारोबारियों से संपर्क शुरू किया जा रहा है। कारोबारियों से खाद्य पदार्थों की बिक्री के बाजार सहित अन्य की जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद वैश्विक पहचान दिलाने के लिए किए जाने वाले कार्यों में ब्रांडिंग, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से प्रमाणपत्र, कारोबारियों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकिंग का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त मो. सउद ने बताया कि व्यंजन चयन का शासनादेश मिल गया है। पहली प्राथमिकता इन व्यंजनों का काम करने वाले कारोबारियों से संपर्क करने की है।
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