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Unnao News: युवती व परिजन को गलत तरीके से हिरासत में रखने पर फंसी पुलिस
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उन्नाव। सदर कोतवाली में पूछताछ के लिए बुलाकर आरोपी के परिजन को रातभर लॉकअप में रखकर प्रताड़ित करने और उगाही के आरोप में उन्नाव पुलिस फंस गई है। सीसीटीवी फुटेज केवल ढाई महीने सुरक्षित रखने के जवाब पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के मुख्यसचिव को 29 जनवरी तक हलफनामा देने का आदेश दिया है।
एसपी जय प्रकाश सिंह ने सीओ बीघापुर मधुपनाथ मिश्रा को मामले की जांच सौंपी है। मंगलवार को सीओ ने दोनों आरोपी सिपाहियों के बयान दर्ज किए।शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा दरियाईखेड़ा निवासी शिव जायसवाल ने पांच अगस्त 2025 को लोकनगर मोहल्ला निवासी सचिन, संदीप और राजेंद्री के खिलाफ तहरीर दी थी। आराेप था कि घर में टाइल्स लगवाने का ठेका संदीप और सचिन को दिया था। 14 जुलाई 2025 से 28 जुलाई के बीच दोनों ने काम किया। इसी दौरान दोनों ने अलमारी से जेवर व रुपये पार कर दिए। तीन अगस्त 2025 को चोरी की जानकारी हुई। शिव जायसवाल ने तहरीर में बताया कि पूछताछ में संदीप ने चोरी की बात स्वीकार की और सचिन को भी शामिल बताया। बताया कि जेवर मां राजेंद्री को दे दिए हैं।
सात अगस्त 2025 को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। संदीप की बहन रूबी सिंह ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की। इसमें कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया कि पांच से आठ अगस्त के बीच पूछताछ के दौरान पुलिस ने मानसिक प्रताड़ित किया। सात अगस्त की रात अवैध रूप से रात में लॉकअप में रखा। अपशब्द कहकर अपमानित किया। मां राजेंद्री व भाई संदीप को भी पूछताछ के लिए कोतवाली में रखा। नकदी और मोबाइल फोन जब्त कर लिए। बाद में 10 हजार रुपये लेकर दो लोगों को छोड़ा। रूबी सिंह ने कोतवाली में लगे कैमरों की पांच से आठ अगस्त की फुटेज निकलवाने और कोतवाली प्रकरण की पुष्टि करने की मांग की।
मामले में एसपी की ओर से न्यायालय में व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर स्वीकार किया गया कि याची व कोतवाली में तैनात सिपाही संजय भाटी और अर्पित चौधरी के बीच बातचीत तो हुई लेकिन धन लेने की बात प्रमाणित नहीं हुई। सिपाहियों का व्यवहार पुलिस आचरण के खिलाफ होने पर उन्हें दो जनवरी 2026 को लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई को हल्का और लापरवाह रवैया बताया है।
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एसपी जय प्रकाश सिंह ने सीओ बीघापुर मधुपनाथ मिश्रा को मामले की जांच सौंपी है। मंगलवार को सीओ ने दोनों आरोपी सिपाहियों के बयान दर्ज किए।शहर के मोहल्ला कब्बाखेड़ा दरियाईखेड़ा निवासी शिव जायसवाल ने पांच अगस्त 2025 को लोकनगर मोहल्ला निवासी सचिन, संदीप और राजेंद्री के खिलाफ तहरीर दी थी। आराेप था कि घर में टाइल्स लगवाने का ठेका संदीप और सचिन को दिया था। 14 जुलाई 2025 से 28 जुलाई के बीच दोनों ने काम किया। इसी दौरान दोनों ने अलमारी से जेवर व रुपये पार कर दिए। तीन अगस्त 2025 को चोरी की जानकारी हुई। शिव जायसवाल ने तहरीर में बताया कि पूछताछ में संदीप ने चोरी की बात स्वीकार की और सचिन को भी शामिल बताया। बताया कि जेवर मां राजेंद्री को दे दिए हैं।
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सात अगस्त 2025 को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। संदीप की बहन रूबी सिंह ने हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की। इसमें कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाया कि पांच से आठ अगस्त के बीच पूछताछ के दौरान पुलिस ने मानसिक प्रताड़ित किया। सात अगस्त की रात अवैध रूप से रात में लॉकअप में रखा। अपशब्द कहकर अपमानित किया। मां राजेंद्री व भाई संदीप को भी पूछताछ के लिए कोतवाली में रखा। नकदी और मोबाइल फोन जब्त कर लिए। बाद में 10 हजार रुपये लेकर दो लोगों को छोड़ा। रूबी सिंह ने कोतवाली में लगे कैमरों की पांच से आठ अगस्त की फुटेज निकलवाने और कोतवाली प्रकरण की पुष्टि करने की मांग की।
मामले में एसपी की ओर से न्यायालय में व्यक्तिगत हलफनामा दायर कर स्वीकार किया गया कि याची व कोतवाली में तैनात सिपाही संजय भाटी और अर्पित चौधरी के बीच बातचीत तो हुई लेकिन धन लेने की बात प्रमाणित नहीं हुई। सिपाहियों का व्यवहार पुलिस आचरण के खिलाफ होने पर उन्हें दो जनवरी 2026 को लाइन हाजिर कर दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई को हल्का और लापरवाह रवैया बताया है।
