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Unnao News: तीन सदस्यीय समिति करेगी लाखों के फर्जीवाड़े की जांच
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पुरवा। एमआरएस इंटर कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक और डीआईओएस कार्यालय के बाबू की मिलीभगत से करीब 65 लाख रुपये के घपले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। डीआईओएस ने टीम के सदस्यों से दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि दो बाबुओं ने पहले स्कूल के स्टाफ के खाते में गलत तरीके से रुपये भिजवाए और फिर अपने रिश्तेदार का बताते हुए निकलवा लिए। जब कर्मचारियों के पास कोषागार से वसूली का संदेश गया तब मामले ने तूल पकड़ा।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम की ओर से दो दिन पहले डीआईओएस से शिकायत की गई थी कि सहायक लिपिक के बैंक खाते में कोषागार से 2,93,913 रुपये भेजे गए हैं। विद्यालय प्रशासन की ओर से मांगे गए बैंक विवरण की जांच से इसका खुलासा हुआ था। बाद में पता चला था कि अलग-अलग कर्मचारियों के खाते में करीब 65 लाख रुपये स्कूल के बाबू ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू के साथ मिलकर भिजवाए और उसे रिश्तेदार का बताते हुए निकलवा भी लिया। कुछ पैसा चेक से निकलवाया गया है। जब कर्मचारियों के पास कोषागार से नोटिस पहुंचा तब उन्हें फंसने का एहसास हुआ।
राधेश्याम सहित अन्य कर्मचारियों ने इसे अज्ञानता में हुई गलती बताते हुए किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से मानवीय आधार पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की अपील की है। मामला बढ़ता देख डीआईओएस ने लेखाधिकारी पीयूष सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें इनायतपुर बर्रा के प्रधानाचार्य मो. अदनान और अरेरकला जीआईसी के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार को नामित किया गया है।
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि बाबुओं ने प्रार्थनापत्र मिलने के बाद जांच शुरू कराई गई है। तीन सदस्यीय जांच समिति स्कूल जाकर हर बिंदु पर जांच करेगी। 30 अप्रैल को होने वाली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम की ओर से दो दिन पहले डीआईओएस से शिकायत की गई थी कि सहायक लिपिक के बैंक खाते में कोषागार से 2,93,913 रुपये भेजे गए हैं। विद्यालय प्रशासन की ओर से मांगे गए बैंक विवरण की जांच से इसका खुलासा हुआ था। बाद में पता चला था कि अलग-अलग कर्मचारियों के खाते में करीब 65 लाख रुपये स्कूल के बाबू ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू के साथ मिलकर भिजवाए और उसे रिश्तेदार का बताते हुए निकलवा भी लिया। कुछ पैसा चेक से निकलवाया गया है। जब कर्मचारियों के पास कोषागार से नोटिस पहुंचा तब उन्हें फंसने का एहसास हुआ।
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राधेश्याम सहित अन्य कर्मचारियों ने इसे अज्ञानता में हुई गलती बताते हुए किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से मानवीय आधार पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की अपील की है। मामला बढ़ता देख डीआईओएस ने लेखाधिकारी पीयूष सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें इनायतपुर बर्रा के प्रधानाचार्य मो. अदनान और अरेरकला जीआईसी के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार को नामित किया गया है।
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि बाबुओं ने प्रार्थनापत्र मिलने के बाद जांच शुरू कराई गई है। तीन सदस्यीय जांच समिति स्कूल जाकर हर बिंदु पर जांच करेगी। 30 अप्रैल को होने वाली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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