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Unnao News: 2.49 करोड़ के गबन में बाबू निलंबित, लिपिक पर भी गिरेगी गाज
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उन्नाव। पुरवा के एमआरएस इंटर कॉलेज में 2.49 करोड़ रुपये के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू सागर कपूर को निलंबित कर दिया है। कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र के निलंबन के लिए प्रबंधक को पत्र भेजा गया है।यह कार्रवाई लेखाधिकारी पीयूष सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। रिपोर्ट में डीआईओएस कार्यालय के बाबू और कॉलेज के वरिष्ठ लिपिक की मिलीभगत सामने आई। कुल 2,49,77,389 रुपये का गबन किया गया। सहायक लिपिक राधेश्याम की शिकायत पर यह मामला सामने आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र ने अपने और अन्य कर्मचारियों के खातों में रुपये जमा कराए थे। बाद में पता चला कि यह रुपये कोषागार से आए थे। दोनों के खिलाफ सरकारी धन के गबन की प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
खातों में मिले अतिरिक्त रुपये
लेखाधिकारी पीयूष सिंह की जांच में कई खातों में अनियमितता पाई गई। परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी के खाते में 24,59,340 रुपये अतिरिक्त मिले। परिचारक कुलदीप कुमार के खाते में 6,04,689 रुपये और राधेश्याम के खाते में 2,50,000 रुपये पाए गए। वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र के बैंक खाते में 2,16,02,660 रुपये अन्य स्रोतों से अतिरिक्त मिले।
कर्ज लेकर जमा कराए रुपये
शासन स्तर से कार्यालय के बाबू का निलंबन होने के बाद मामला बढ़ता देख एमआरएस इंटर कॉलेज के दो परिचारकों ने लोगों से कर्ज लेकर कोषागार में रुपये जमा कराए हैं। इसमें कुलदीप कुमार ने 22 मई को उनके खाते में आए 6,04689 रुपये और राधेश्याम ने पूरे 2.50 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। सबसे अधिक धनराशि दो करोड़ 16 लाख 2660 रुपये वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार के खाते में है। उससे भी पूरी धनराशि जमा कराने को कहा गया है। धनराशि जमा होने के बाद एफआईआर भी कराई जाएगी।
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डीएम स्तर से गठित टीम भी कर रही जांच
डीएम स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेंद्र सिंह और बीएसए शैलेष कुमार पांडेय शामिल हैं। इन लोगों की अभी जांच चल रही है।
वर्जन...
कॉलेज के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों की शिकायत आने के बाद जांच कराई गई थी। खुलासा होने पर कार्यालय के बाबू को निलंबित कर दिया गया है। रिकवरी भी की जाएगी। वरिष्ठ सहायक के निलंबन के लिए प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। सुनीलदत्त, डीआईओएस
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खातों में मिले अतिरिक्त रुपये
लेखाधिकारी पीयूष सिंह की जांच में कई खातों में अनियमितता पाई गई। परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी के खाते में 24,59,340 रुपये अतिरिक्त मिले। परिचारक कुलदीप कुमार के खाते में 6,04,689 रुपये और राधेश्याम के खाते में 2,50,000 रुपये पाए गए। वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र के बैंक खाते में 2,16,02,660 रुपये अन्य स्रोतों से अतिरिक्त मिले।
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कर्ज लेकर जमा कराए रुपये
शासन स्तर से कार्यालय के बाबू का निलंबन होने के बाद मामला बढ़ता देख एमआरएस इंटर कॉलेज के दो परिचारकों ने लोगों से कर्ज लेकर कोषागार में रुपये जमा कराए हैं। इसमें कुलदीप कुमार ने 22 मई को उनके खाते में आए 6,04689 रुपये और राधेश्याम ने पूरे 2.50 लाख रुपये जमा करा दिए हैं। सबसे अधिक धनराशि दो करोड़ 16 लाख 2660 रुपये वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार के खाते में है। उससे भी पूरी धनराशि जमा कराने को कहा गया है। धनराशि जमा होने के बाद एफआईआर भी कराई जाएगी।
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डीएम स्तर से गठित टीम भी कर रही जांच
डीएम स्तर से गठित तीन सदस्यीय टीम में परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेंद्र सिंह और बीएसए शैलेष कुमार पांडेय शामिल हैं। इन लोगों की अभी जांच चल रही है।
वर्जन...
कॉलेज के शिक्षक और अन्य कर्मचारियों की शिकायत आने के बाद जांच कराई गई थी। खुलासा होने पर कार्यालय के बाबू को निलंबित कर दिया गया है। रिकवरी भी की जाएगी। वरिष्ठ सहायक के निलंबन के लिए प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। सुनीलदत्त, डीआईओएस