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Unnao News: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी चाचा आठ साल बाद कोर्ट से बरी
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उन्नाव। नाबालिग से दुष्कर्म के आठ साल पुराने मुकदमे में न्यायालय ने आरोपी चाचा को बरी कर दिया है। अपर जिला सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र यादव की कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
गंगाघाट कोतवाली के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 21 जून 2018 को छोटे भाई पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि भाई ने उसकी 15 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने 23 जून को आरोपी चाचा को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। यह मुकदमा अपर जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपना पक्ष रखने के दौरान बयानों में कई बार बदलाव किए। इससे मामले में संदेह उत्पन्न हुआ। मेडिकल रिपोर्ट भी आरोपी के खिलाफ दोष साबित नहीं कर सकी। किशोरी के पिता और आरोपी चाचा के बीच पहले से आपसी विवाद चल रहा था। यह बिंदु भी सुनवाई के दौरान सामने आया। इन सभी कारणों से न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने आरोपी चाचा को मुकदमे से बरी कर दिया।
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गंगाघाट कोतवाली के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 21 जून 2018 को छोटे भाई पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि भाई ने उसकी 15 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किया। पुलिस ने 23 जून को आरोपी चाचा को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। यह मुकदमा अपर जिला सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में विचाराधीन था। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई।
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सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपना पक्ष रखने के दौरान बयानों में कई बार बदलाव किए। इससे मामले में संदेह उत्पन्न हुआ। मेडिकल रिपोर्ट भी आरोपी के खिलाफ दोष साबित नहीं कर सकी। किशोरी के पिता और आरोपी चाचा के बीच पहले से आपसी विवाद चल रहा था। यह बिंदु भी सुनवाई के दौरान सामने आया। इन सभी कारणों से न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने आरोपी चाचा को मुकदमे से बरी कर दिया।
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